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राजभवन कूच के लिए निकले कर्मचारियों को पुलिस ने रोका

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सेक्टर-17 चंडीगढ़ में प्रदर्शन करते बिजली विभाग के कर्मचारी। इस दौरान पेंडू संघर्ष कमेटी के सदस्य - फोटो : CHANDIGARH
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चंडीगढ़। बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में बुधवार को सेक्टर-17 स्थित कार्यालय के सामने कर्मचारियों ने धरना दिया। धरने में बड़ी संख्या में ग्रामीण भी शामिल हुए। धरने के बाद कर्मचारियों ने राजभवन की ओर मार्च शुरू कर दिया। राजभवन की ओर बढ़ते ही कुछ दूरी पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर कर्मचारियों को रोक दिया। इसके बाद बिजली कर्मचारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
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बिजली कर्मचारियों का साथ देने के लिए पेंडू संघर्ष कमेटी, नौजवान किसान एकता, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के अलावा शहर की आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधि शामिल हुए। इन सभी ने बिजली विभाग के निजीकरण का विरोध किया। यूटी पावरमैन यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने कहा कि 20 अप्रैल को पूर्ण हड़ताल रहेगी। उन्होंने सभी कर्मचारियों से इन संघर्षों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने का आह्वान किया।
धरने को यूटी पावरमैन यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी के अलावा फेडरेशन ऑफ यूटी इंप्लाइज एंड वर्कर्स के प्रधान रघबीर चंद, वरिष्ठ उपप्रधान राजिंदर कटोच, उपप्रधान ध्यान सिंह, संयुक्त सचिव अमरीक सिंह व हरकेश चंद ने मुनाफे में चल रहे बिजली विभाग का निजीकरण करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन और केंद्र सरकार की कड़ी निंदा की।
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यूटी एमसी पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रधान राम सरूप, मनमोहन सिंह, भीमसेन ने कहा कि निजीकरण से विभाग के कर्मचारियों के अलावा शहर के लाखों उपभोक्ताओ को परेशानी होगी। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि बार-बार अपील करने और ज्ञापन देने के बावजूद कर्मचारियों के हितों को भी सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन चर्चा करने को भी तैयार नहीं है। संयुक्त कर्मचारी मोर्चा के संयोजकों में राजिंदर कुमार, सुखबीर सिंह, विपिन शेर सिंह, सीटीयू के प्रधान धर्मेंद्र सिंह राही सहित अन्य नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की।
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