चंडीगढ़ सेक्टर-20 की डिस्पेंसरी में मंगलवार को वेंडर्स काफी संख्या में रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन पर लाठियां भांजी। क्योंकि वेंडरों ने हंगामा करना शुरू कर दिया था। वेंडरों का हंगामा बढ़ने पर अधिकारियों को रजिस्ट्रेशन का काम बंद करना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला और स्थिति काबू की। पिछले एक सप्ताह से वार्ड 16 से 20 तक के वेंडरों का सेक्टर- 20 की डिस्पेंसरी में रजिस्ट्रेशन चल रहा है। यहां पर रजिस्ट्रेशन करवाने केलिए वेंडर सुबह-सुबह ही पहुंच जाते हैं।
सेक्टर-20 सीनियर डिप्टी मेयर राजेश गुप्ता का वार्ड है। रजिस्ट्रेशन के प्रभारी सोशल डेवलपमेंट अधिकारी विवेक त्रिवेदी के साथ वेंडरों ने जमकर धक्का मुक्की की। शहर में 29 दिसंबर तक स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत वेंडरों का रजिस्ट्रेशन चल रहा है, लेकिन भीड़ ज्यादा होने के कारण लंबी लाइनें लग रही हैं। वेंडरों का कहना है कि नगर निगम को रजिस्ट्रेशन के लिए कैंप लगाने चाहिए। कई लोग ऐसे भी हैं, जिनका नंबर 3 से 4 दिन बाद मुश्किल से आता है।
वेंडरों को रजिस्ट्रेशन के लिए सुबह कूपन बांटे जाते हैं, जिनके पास कूपन होते हैं, उनका ही रजिस्ट्रेशन किया जाता है। मंगलवार को सबसे पहले महिलाओं को कूपन दिए गए, लेकिन उनमें से कुछ महिलाओं ने अपने पतियों को कूपन दे दिए। यह देखकर कई वेंडर दीवार फांद कर डिस्पेंसरी के अंदर घुस आए और रजिस्ट्रेशन कर रहे कर्मचारियों के साथ बहस करने लगे। मंगलवार को 600 से ज्यादा वेंडर डिस्पेंसरी में पहुंचे थे। 28 वेंडरों का ही रजिस्ट्रेशन हो पाया था कि हंगामा शुरू हो गया और इसके ज्यादा बढ़ने पर काम बंद करवा दिया गया।
दलालों का भी है बोलबाला
वेंडरों की लंबी लाइनें लग रही है। नगर निगम का आदेश है कि अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं करवाने वालों को हटाया जाएगा। लाइनें लगने से दलाल सक्रिय हो गए हैं। कई वेंडरों की सिफारिश के लिए कर्मचारियों को वीआईपी और नेताओं के फोन भी आ रहे हैं।
कूपन फोटो स्टेट करवा कर पहुंच गया एक वेंडर
नगर निगम की ओर रजिस्ट्रेशन से पहले कूपन दिया जाता है। दो दिन पहले सेक्टर-20 की डिस्पेंसरी में एक वेंडर पहले से किसी वेंडर को दिए गए कूपन को फोटो स्टेट करवा कर पहुंच गया। इसके बाद से अब कूपन पर हस्ताक्षर किए जा रहे हैं।
जिनकी अखबार में आई फोटो, उनका भी सर्वे में नाम नहीं
सीनियर डिप्टी मेयर राजेश गुप्ता ने स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत शहर में हुए सर्वे और अब हो रहे रजिस्ट्रेशन पर सवाल उठाया है। गुप्ता का कहना है कि पिछले साल सर्वे की शुरुआत उनकेवार्ड से तत्कालीन मेयर अरुण सूद ने करवाई थी। उस समय जिन वेंडरों की सर्वे करते हुए अखबार में तस्वीरें आई थीं, उनका भी नाम सर्वे में शामिल नहीं है। रजिस्ट्रेशन में भेदभाव हो रहा है। पंचकूला, मोहाली के आधार कार्ड वालों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा रहा, जबकि ऐसे लोग कई साल से शहर में काम कर रहे हैं। कई तरह की खामियां है, जिन्हें वह 27 दिसंबर को होने वाली सदन की बैठक में उठाएंगे।
5601 वेंडरों से कमाए 85 लाख
वेंडर एक्ट के तहत शहर में 21 हजार लोगों का सर्वे हो चुका है, लेकिन अभी तक 5601 वेंडरों का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है। रजिस्ट्रेशन से नगर निगम 85 लाख रुपये की कमाई कर चुका है। 15 जनवरी को नगर निगम ने वेंडिंग जोन तय कर ड्रा निकालने हैं।