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वर्णिका छेड़छाड़ मामला: पेपर देने हिसार पहुंचा आरोपी आशीष, रहा सख्त पहरा

Thu, 07 Dec 2017 09:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार/चंडीगढ़
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लॉ का पेपर देने हिसार पहुंचा आरोपी आशीष
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वर्णिका कुंडू से छेड़छाड़ के आरोपी आशीष को लेकर चंडीगढ़ पुलिस हिसार के जाट कॉलेज पहुंची। आशीष ने बुधवार दोपहर दो से शाम पांच बजे तक परीक्षा दी। इसके बाद पुलिस आरोपी को वापस लेकर चली गई।
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वर्णिका कुंडू छेड़छाड़ मामले में दूसरे आरोपी आशीष की लेगर लॉ के पांचवें सेमेस्टर में रि-अपीयर की परीक्षा थी। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से परीक्षा देने की अनुमति मिलने के बाद चंडीगढ़ पुलिस एक निजी वाहन में आरोपी आशीष को लेकर हिसार पहुंची। परीक्षा के लिए जाट कॉलेज को केंद्र बनाया गया था। दोपहर दो बजे परीक्षा शुरू हुई थी। पुुलिस की गाड़ी आरोपी आशीष को लेकर करीब डेढ़ बजे पहुंची थी। परीक्षा देने के बाद पुलिस टीम आरोपी को वापस गाड़ी में लेकर रवाना हो गई।

आशीष से मिलने के लिए उसका कोई परिजन नहीं पहुंचा था। आशीष के तीन-चार दोस्त उससे मिलना चाह रहे थे। चंडीगढ़ पुलिस ने आशीष को किसी से नहीं मिलने दिया। पेपर खत्म होते ही आशीष को अपने साथ ले जाकर कैंपस में ही खड़ी गाड़ी में बैैठा लिया। परीक्षा केंद्र के बाहर तैनात हरियाणा पुलिस की पीसीआर ने परीक्षार्थियों के अलावा किसी को जाट कॉलेज कैंपस में नहीं जाने दिया। आशीष का दूसरा पेपर 15 दिसंबर को होगा।
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बचाव पक्ष की याचिका आंशिक मंजूर

Vikas Barala - फोटो : File Photo
वर्णिका कुंडू छेड़छाड़ प्रकरण और अपहरण के प्रयास मामले में जिला अदालत ने बचाव पक्ष की याचिका आंशिक तौर पर मंजूर कर ली है। अदालत ने वर्णिका कुंडू और उसके पिता वीएस कुंडू के बीच की 4 और 5 अगस्त के बीच की कॉल डिटेल उपलब्ध करवाने को मंजूरी दी है। हालांकि बचाव पक्ष ने दोनों की एक से पांच अगस्त तक की कॉल डिटेल उपलब्ध करवाने की अपील की थी। वहीं बुधवार को वर्णिका का शेष क्रास एग्जामिनेशन होना था, लेकिन वह किन्हीं कारणों से कोर्ट नहीं आ सकी। अब शेष क्रास एग्जामिनेशन 19 दिसंबर को होगा।

इससे पहले सुबह याचिका पर बहस करते हुए बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट रबिंद्र पंडित ने कहा कि उन्हें वर्णिका की कॉल डिटेल यह कन्फर्म करने के लिए चाहिए कि वह उस दिन उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद भी थी या नहीं। एफआईआर के मुताबिक वह मौके पर थीं और बाद में पुलिस थाने भी आई थीं। उन्हें यह कन्फर्म करना है कि पीड़िता सच में वहां थी या नहीं और उसकी इस दौरान किस-किस से बात हुई थी।

वहीं उनके अनुसार पीड़िता घटना के दौरान एक वकील से फोन पर संपर्क में थी। इसलिए उन्हें उन दोनों के बीच की कॉल डिटेल भी उपलब्ध करवाई जाए।
वहीं इससे पहले अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील मनु कक्कड़ ने इसका विरोध किया था। उनका कहना था कि इस याचिका का केस के ट्रायल से कोई मतलब नहीं है और न ही इसका कोई आधार बनता है। 
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