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चंडीगढ़ पुलिस के जवान मनोज की ब्रेन ट्यूमर से मौत: पीजीआई में ली अंतिम सांस, जींद में हुआ अंतिम संस्कार

Sun, 26 Apr 2026 10:40 PM IST
शाहिल शर्मा संदीप खत्री, चंडीगढ़

सार

मनोज अपने पीछे पत्नी, साढ़े 11 साल का बेटा और 8 साल की बेटी छोड़ गए हैं। उनके माता-पिता की उम्र करीब 70 साल है। परिवार में वह अकेले कमाने वाले थे।
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मनोज कुमार, मृतक पुलिस जवान - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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चंडीगढ़ पुलिस में तैनात सिपाही मनोज कुमार का इलाज के दौरान पीजीआई में निधन हो गया। वह लंबे समय से ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थे। साल 2024 में उनका ऑपरेशन भी हुआ था। शनिवार देर रात करीब ढाई बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। रविवार को उनके मूल निवास जींद में पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, जहां पुलिस विभाग की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

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मनोज वर्तमान में सेक्टर-26 पुलिस लाइंस में तैनात थे और पिछले कई दिनों से पीजीआई में भर्ती थे। रविवार सुबह करीब 10 बजे उनका शव सेक्टर-16 अस्पताल लाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर जींद स्थित उनके घर भेजा गया। वहीं विभाग की ओर से एंबुलेंस भेजी गई। मनोज अपने पीछे पत्नी, साढ़े 11 साल का बेटा और 8 साल की बेटी छोड़ गए हैं। उनके माता-पिता की उम्र करीब 70 साल है। परिवार में वह अकेले कमाने वाले थे, जिसके चलते इलाज का पूरा बोझ उन्हीं पर था। मनोज के निधन से पुलिस विभाग के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। कर्तव्य के प्रति उनकी ईमानदारी और समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा।

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बारिश में नंगे पांव ट्रैफिक संभालने वाला वीडियो हुआ था वायरल
मनोज अपने कर्तव्यनिष्ठ रवैये के लिए जाने जाते थे। सेक्टर-26 के टी-पॉइंट पर तेज बारिश के दौरान जूते उतारकर नंगे पांव ट्रैफिक संभालते उनका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। विपरीत परिस्थितियों में भी ड्यूटी के प्रति उनकी यह निष्ठा लोगों के लिए मिसाल बन गई थी।

इलाज में खर्च हुए लाखों, फिर भी ड्यूटी निभाते रहे
परिवार के अनुसार, मनोज के इलाज पर लाखों रुपये खर्च हो चुके थे। आर्थिक दबाव के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई और उन्हें मनीमाजरा के सरकारी स्कूल में दाखिल करवाना पड़ा। हालांकि अब आर्थिक तंगी की वजह से बच्चों को जींद में ही स्कूल में पढ़ा रहे थे। ऑपरेशन के बाद भी मनोज लगातार ड्यूटी करते रहे। अपने कार्यकाल के दौरान बेहतर काम के लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया था।
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