केस बनाने की दी धमकी
चीमा को उन दोनों की हरकत पर कुछ शक हुआ। तभी उसने कहीं से एक काले रंग का लिफाफा निकाला और उसे फाड़ दिया। उसमें कुछ पाउडर नुमा पदार्थ निकला जिसे बलविंदर ने अफीम बताया। वह कहने लगा कि उनके खिलाफ नशा तस्करी का बड़ा केस बनेगा। वह उन्हें धमकाने लगा जबकि चीमा ने कहा कि ये पैकेट उनका नहीं है। इतने में चीमा के साथ मौजूद उनकी महिला मित्र हरिंदर ने पुलिसकर्मी से बातचीत शुरू कर दी और मौके पर अपनी एक सहेली रिया और उसके जीजा करण को मदद के लिए बुला लिया। वे कुछ देर बाद ही वहां आ गए। उन्होंने भी पुलिसकर्मी से चीमा को छोड़ने के लिए कहा। लेकिन वह केस दर्ज करने की जिद पर अड़ा रहा।
40 हजार रुपये दिए
कुछ देर बातचीत के बाद बलविंदर ने कहा कि वह उन्हें छोड़ देगा लेकिन बदले में उसने सात लाख रुपये की डिमांड की। चीमा उसकी डिमांड सुनकर हैरान रह गए। कुछ बातचीत के बाद बलविंदर तीन लाख रुपये लेने पर राजी हो गया। तभी हरिंदर कौर ने चीमा का एटीएम लिया और उसमें से 40 हजार रुपये निकालकर बलविंदर को दे दिए। बलविंदर ने बाकी के 2.60 लाख रुपये जल्द ही देने के लिए कहा और करण से कहा कि तू इनकी गारंटी ले रहा है। इसलिए तू इनका पासपोर्ट मुझे लाकर दे। अगले दिन हरिंदर कौर ने चीमा से कहा कि बलविंदर उसकी दोस्त रिया और करण को धमकाकर और पैसे मांग रहा है। तब चीमा को शक हुआ कि ये सब उनके साथ साजिश के साथ किया जा रहा है, जिसमें बलविंदर के साथ हरिंदर, रिया और करण भी मिले हुए हैं। ऐसे में चीमा ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने उनकी शिकायत पर जांच के बाद बलविंदर और हरिंदर को गिरफ्तार कर लिया।