लोगों के घर जाकर पुलिस की बेहतर छवि बनाने और उनकी समस्यां दूर करने वाले बीट बाक्स के जवान अब थाना पुलिस के साथ मिलकर काम करेगें। एसएसपी ने बीट बाक्स योजना को बेहतर करने के लिए सीआरयू ब्रांच से लेकर अपने अंडरकर लिया है।
अब बीट बाक्स पर तैनात जवान थाना प्रभारी के नेत्त्व में काम करेगें और उनका ही आदेश मानेगें। इससे पहले बीट बाक्स के जवान सीआरयू ब्रांच के अंतर्गत थे। सीआरयू ब्रांच के अंतर्गत बीट बाक्स के जवानों पर थाना पुलिस द्वारा दिए आदेश लागू नहीं होते थे। और न ही थाना पुलिस द्वारा उनकी डयूटी नाकों या फिर अन्य जगह लगा सकते थे।
बीट बाक्स जवानों पहले सिर्फ पुलिस हेडक्वार्टर की पब्लिक विंडों पर आने वाली शिकायतों की जांच कर उनकी स्टेटस रिपोर्ट वापिस अफसरों के पास भेजनी होती थी। लेकिन अब बीट बाक्स जवानों को एसएसपी डॉ सुखचैन सिंह गिल देख रहे है और उनके काम को बेहतर से बेहतर करवाने में लगे हुए है।
146 बीट बाक्स है शहर में
लोगों के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए शहर में कुल 146 बीट बाक्स है। हर पुलिस स्टेशन में उनके अधीन आने वाले क्षेत्र के हिसाब से बीट बाक्स बनाए गए है। बीट बाक्स पर सब इंसपेक्टर इंचार्ज होता है और काम करने के लिए हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल तैनात होते है। जो अपने इलाकों में सुबह से रात तक रहकर हर गतिविधि पर नजर रखते है। इस समय बीट बाक्स पर करीब 400 पुलिस जवान डयूटी दे रहे हे।
नए बीट बाक्स दो साल से तैयार, नहीं हुए अलार्ट
बीट बाक्स जवानों को बेहतर सुविधा देने के लिए पुलिस विभाग ने दो साल पहले नए बीट बाक्स बनवाए थे। जिसके अंदर रजिस्ट्रर रखने की जगह से लेकर लोगों से मिलने जुलने के समय बैठने की जगह मौजूद थी। पुलिस ने 46 नए बीट बाक्स बनाने थे।
आधे से ज्यादा बीट बाक्स बनकर तैयार हो चुके है। लेकिन अभी नए बीट बाक्स जवानों को अलार्ट नहीं किया है। इसका कारण बीट बाक्स में बिजली का कनेक्श नहीं मिला है। वहीं पुलिस विभाग कई बार इंजीनियर विभाग को तैयार नए बीट बाक्स उन्हें सौपने के लिए पत्र लिख चुका है।
अपराधियों का रिकार्ड और शिकायतें का निपटारा करते है बीट बाक्स जवान
बीट बाक्स पर तैनात जवान अपने-अपने इलाके में रहने वाले सीनियर सिटीजन , नौकरों और अपराधियों का रिकार्ड रखते है। समय समय पर रजिस्ट्रर अपडेट करते है। इसके अलावा नौकरों की वेरीफिकेशन का रिकार्ड रखते है। इसके साथ उनके सेक्टर में होने वाली शिकायतों की बीच जांच करते है और वेरीफिकेशन का काम भी उनका होता है। हैबीचुअल अपराधियों का रिकार्ड बीट बाक्स जवानों को अपने पास रखना होता है। इसके अलावा कोठियों में अकेले रहने वाले बुजुर्ग को समय-समय पर जाकर उनकी परेशानियों के बारे में पूछताछ करते है।
पेट्रोलिंग के लिए मिली हुई है साइकिलें
बीट बाक्स पर तैनात जवानों को सेक्टरों और रिहायशी इलाकों में पेट्रोलिंग के लिए साइकिल मिली है। इन साइकिलों से पुलिस जवान सुबह और शाम के शाम के समय पेट्रोलिंग करते है। इसके अलावा बीट बाक्स के जवान शाम के समय लोगों की समस्या सुनते है।