चंडीगढ़। वैज्ञानिक प्रगति बहुत तेजी से हो रही है। उम्मीद है कि मधुमेह के मरीजों को जल्द ही सप्ताह में एक बार लगाए जाने वाला इंसुलिन उपलब्ध होगा। यह मरीजों के लिए बेहद राहत भरा होगा। यह जानकारी पीजीआई के इंडोक्रोनोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रोफ़ेसर संजय भडाडा ने शनिवार को ओपीडी में आयोजित मधुमेह जागरूकता कार्यक्रम में दी।
इस दौरान ओपीडी में आए मरीजों को इंसुलिन इंजेक्शन तकनीक, कार्बोहाइड्रेट की गिनती, इंसुलिन कार्बोहाइड्रेट का अनुपात, हाइपोग्लाइसीमिया और तीव्र हाइपोग्लाइसीमिया के प्रबंधन संबंधी जानकारी दी गई। वहीं गर्भावस्था और इसके प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया गया। आहार विज्ञान विभाग के विशेषज्ञों ने मधुमेह के मरीजों को आहार संबंधी जरूरी सलाह दी। कार्यक्रम में पीजीआई के रिनल ट्रांसप्लांट सर्जरी के प्रमुख प्रोश़ीष शर्मा ने पेनक्रियाटिक किडनी ट्रांसप्लांट के बारे में बताया। इस अवसर पर मरीजों की स्क्रीनिंग और जांच भी की गई जिसमें रक्तचाप, ऊंचाई, वजन माप के साथ खून और यूरिन के नमूने लिए जाना शामिल है। वहीं डायबिटिक रेटिनोपैथी स्क्रीनिंग के लिए फंड्स की जांच की गई। इसके अलावा मरीजों को व्यायाम और जीवन शैली में किए जाने वाले महत्वपूर्ण बदलाव की भी जानकारी दी गई।