पीजीआई चंडीगढ़ ने पंजाब में नशे के ट्रेंड पर पहली बार रिपोर्ट जारी की है, जिसमें शामिल आंकड़ों की पुष्टि के लिए पीजीआई ने दो तरह के सर्वे किए गए। पहला हाउस टू हाउस और दूसरा रैपिड असेसमेंट सर्वे। हाउस टू हाउस सर्वे के मुताबिक पंजाब का हर छठा व्यक्ति नशे का आदी है। करीब 31 लाख लोग नशे का सेवन करते हैं। इनमें करीब 30 लाख नशे की लत के शिकार हैं।
पीजीआई रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब के 22 लाख लोग शराब और 16 लाख तंबाकू का नशा करते हैं। जबकि 2.7 लाख लोग ड्रग्स लेते हैं। ड्रग्स में वे अफीम, चूरापोस्त, हेरोइन का इस्तेमाल करते हैं। एम्स की वर्ष 2016 की स्टडी के मुताबिक पंजाब में करीब 2.32 लाख लोग ड्रग्स ले रहे थे। नशे से पीड़ित हर 33वें व्यक्ति ने माना है कि नशा करने के बाद वे दुर्घटना के शिकार हुए, जबकि हर दसवें व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
ड्रग्स में अफीम और चूरा पोस्त सबसे कॉमन नशा
पीजीआई ने अपने सर्वे में पाया है कि लोगों में सबसे कॉमन नशा अफीम और चूरा पोस्त है। नशे का आदी हर दूसरा व्यक्ति इन दोनों नशीले पदार्थों का सेवन करता है। हर चौथा व्यक्ति इंजेक्शन के जरिए ड्रग्स लेता है। इंजेक्शन से सबसे ज्यादा हेरोइन का सेवन किया जाता है। उसके बाद ब्यूप्रीनोरफाइन, पेंटाजोसाइन, ट्रामाडोल का इस्तेमाल करने की बात सामने आई है। ये देखने को मिला है कि करीब 28.8 प्रतिशत लोगों ने सीरिंज को शेयर किया है, जिससे गंभीर बीमारी फैलने का खतरा है।
मानसा टॉप पर, फिरोजपुर में सबसे कम नशा
पीजीआई के सर्वे में नशे के मामले में मानसा जिला टॉप पर है। जिले के करीब 39.1 प्रतिशत लोग नशे का सेवन करते हैं। उसके बाद मुक्तसर, होशियारपुर, मोगा, बरनाला और रोपड़ शहर का नंबर है। फिरोजपुर ऐसा जिला है, जहां के लोग सबसे कम नशे का सेवन करते हैं। उससे ऊपर कपूरथला, फरीदकोट, लुधियाना का नंबर आता है।
कहां से मिलता है इन्हें नशा
पीजीआई की सर्वे रिपोर्ट में बताया गया है कि ड्रग्स डीलर ही नशेड़ियों के पास नशे की खेप पहुंचाते हैं। सर्वे में शामिल करीब 77.6% लोगों ने बताया कि उन्हें नशा ड्रग्स डीलर से प्राप्त हुआ है। कुछ ने बताया कि उन्हें दोस्त व फार्मेसी से नशा मिला। करीब 2.8 प्रतिशत लोगों ने माना कि उन्हें उनकी फेमिली से नशा मिला था।
मजे के लिए चखा और पड़ गई लत
पीजीआई ने जब नशेड़ियों से पूछा कि आखिर उन्हें नशे की लत कैसे पड़ी तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। 69.9 प्रतिशत लोगों ने बताया कि उन्होंने मजे के लिए एक बार नशे का सेवन किया था। उसके बाद लत पड़ गई । कुछ ने बताया कि साथियों के दबाव की वजह से उन पर नशे की लत पड़ी और कुछ का कहना था कि उनमें नशे की उत्सुकता थी, इसलिए उनमें आदत पड़ गई। कुछ में रिलेशनशिप प्रॉब्लम थी तो कुछ ने सेक्सुअल प्रॉब्लम को दूर करने के लिए नशे की लत का सहारा लिया।