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चंडीगढ़ में पेट लवर्स के लिए खबर: 12 मरले से बड़ा घर है तो विदेशी के साथ जरूर पालना होगा देसी नस्ल का कुत्ता

Thu, 23 Jan 2025 12:47 PM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ में कुत्तों की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर निगम ने वर्ष 2023 में चंडीगढ़ पेट एंड कम्युनिटी डॉग्स बायलॉज तैयार किया है। इस पर कई सदन की बैठकों में चर्चा की गई और आखिरकार नवंबर 2024 में सदन ने पास करके प्रशासन को भेजा। अब जाकर प्रशासक ने बायलॉज को मंजूरी दे दी है। 
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dog - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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चंडीगढ़ में पालतू और लावारिस कुत्तों के रखरखाव और प्रबंधन को लेकर नए नियम लागू होने जा रहे हैं। 

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पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने 'चंडीगढ़ पेट एंड कम्युनिटी डॉग्स बायलॉज-2023' को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत हर पालतू कुत्ते का पंजीकरण अनिवार्य होगा। नए नियमों के अनुसार, घर के क्षेत्रफल के आधार पर ही लोग कुत्ते रख सकेंगे। लावारिस कुत्तों को खिलाने की जगह और मालिक की जिम्मेदारियां भी तय की जाएंगी। 7 नस्लों के कुत्तों पर प्रतिबंध भी लगाया जाएगा।

क्या होंगे नियम

इसके अनुसार सभी कुत्ते का पंजीकरण कराना होगा। 500 रुपये की फीस होगी। आवेदन के साथ कुत्ते की दो लेटेस्ट फोटो और वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट जरूरी होगा। कुत्ते को एक मेटल टोकन दिया जाएगा जो कुत्ते के गले में बांधना होगा। यह पंजीकरण लाइफटाइम के लिए होगा लेकिन हर 5 साल बाद रिन्यू कराना होगा। इसके अलावा, शहर के डॉग लवर, एनजीओ, वॉलिंटियर, पेट ब्रीडर्स, पेट शॉपकीपर, डॉग ट्रेनर, डॉग हॉस्टल व क्रैच, डॉग ग्रूमर को भी नगर निगम में पंजीकरण करना होगा। यदि कोई पंजीकृत कुत्ता खुले में घूमता हुआ पाया जाता है तो उसे जब्त कर लिया जाएगा और कुत्ते के मालिक पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। अब जल्द इन नियमों पर लोगों से सुझाव व आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी, जिसके बाद बायलॉज को लागू कर दिया जाएगा।
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सुखना लेक, रोज गार्डन, लेजर वैली में ले जाने पर रोक

बायलॉज के अनुसार कुत्तों को सुखना लेक, रोज गार्डन, शांतिकुंज, रॉक गार्डन, लेजर वैली, मिनी रोज गार्डन, फ्रेगरेंस गार्डन, टेरेस गार्डन, शिवालिक गार्डन समेत अन्य कई जगहों पर ले जाने पर मनाही होगी। पार्कों में टहलाने के लिए निकले लोगों को साथ में पूप बैग रखना होगा। पंजीकृत कुत्ते की पूरी जिम्मेदारी उसके मालिक की होगी। अगर उनके कुत्ते ने किसी को चोट पहुंचाया या किसी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तो जिम्मेदारी कुत्ते के मालिक की होगी। मुआवजा भी देना पड़ सकता है। अगर कुत्ते का व्यवहार ठीक नहीं हुआ तो उसे जब्त कर लिया जाएगा और मालिक पर जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही कुत्ते की मृत्यु के बाद उसे खुले में या चंडीगढ़ नगर निगम के कूड़ेदान में नहीं फेंका जाएगा। मृत कुत्ते को श्मशान घाट या अपने स्थान पर पूरी विधि के साथ दफनाया जाएगा।

अमेरिकन बुलडॉग, पिट बुल समेत 7 ब्रीड पर रोक

नगर निगम ने अमेरिकन बुलडॉग, अमेरिकन पिट बुल, बुल टेरियर, केन कोरसो, डोगो अर्जेंटीनो, रॉटविलर के रखने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन आदेशों के उल्लंघन पर 10,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। अब कोई भी किसी स्ट्रे डॉग को कहीं भी खाना नहीं दे सकेगा। आरडब्ल्यूए व पार्षद की सहमति से प्रत्येक इलाके में जगह चयनित किए जाएंगे, जहां कुत्तों को खाना दिया जा सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले मालिक को पंजीकरण प्राधिकरण द्वारा निर्धारित 200 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जा सकता है। एक से अधिक उल्लंघनों के लिए दंडों को जोड़ा जाएगा और उल्लंघनों की गणना करते हुए अतिरिक्त जुर्माना 200 रुपये प्रतिदिन तक बढ़ाया जा सकता है, जो अधिकतम 10 दिन तक हो सकता है।

कितने कुत्तों की अनुमति, घर के एरिया के अनुसार होगा तय

घर का साइज                                                 कुत्तों की संख्या
5 मरला या उससे कम                              1 (अलग-अलग फ्लोर पर एक से ज्यादा परिवार रह रहे हों तो अधिकतम तीन)
5 से बड़े और 12 मरला से कम                   2 (अलग-अलग फ्लोर पर एक से ज्यादा परिवार रह रहे हों तो अधिकतम तीन)
12 मरला से बड़े और एक कनाल से कम      3 (इसमें एक मोंगरेल/इंडी कुत्ते को अडॉप्ट करना अनिवार्य)
एक कनाल से अधिक                               4 (इसमें दो मोंगरेल/इंडी कुत्ते को अडॉप्ट करना अनिवार्य)
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