25 फरवरी को पेश होने वाले रेल बजट से चंडीगढ़वासियों की काफी उम्मीदें हैं। लोग चाहते हैं कि रेल मंत्री सुरेश प्रभु इस साल तो उन्हें बड़ा तोहफा दें। लोगों का मानना है कि ट्रेनों में महिलाओं और सीनियर सिटीजन की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। मुंबई, बंगलूरू और बड़े शहरों के लिए चंडीगढ़ की कनेक्टिविटी बेहतर होनी चाहिए।
एक मुद्दा और भी उठा है कि रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों से तगड़ा मुआवजा वसूलने और सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए, ताकि कोई भी संपत्ति को नुकसान न पहुंचा पाए। एक नजर डालते हैं कि शहरवासियों की मुख्य मांगों पर।
रेल सुविधा को कमाई के साथ कभी नहीं जोड़ना चाहिए। इसके साथ ऐसा नहीं होना चाहिए कि यात्री कम हो गए तो किसी ट्रेन को बंद कर दिया जाए। नए बजट में रेल सुविधाओं को बढ़ाने की बातें होनी चाहिए।
- बलजिंदर सिंह बिट्टू, अध्यक्ष, फॉसवेक
ईंधन का रेट पिछले साल के मुकाबले इस बार कम हैं, इसलिए रेल किराया कम होना चाहिए। चंडीगढ़ से दिल्ली तक बुलेट ट्रेन चलाने की योजना है, इसलिए रेल बजट में इसके लिए फंड रखा जाना चाहिए।चंडीगढ़ स्टेशन की रेनोवेशन के लिए फंड बढ़ाया जाना चाहिए।
- चरणजीव सिंह, व्यापार मंडल के अध्यक्ष
रेल बजट में महिलाओं और सीनियर सिटीजन की सुरक्षा पर विशेष ध्यान हो। पंजाब और मध्य प्रदेश की तर्ज पर चंडीगढ़ से तीर्थ स्थानों के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जानी चाहिए। मुंबई के लिए कनेक्विटी और बढ़ाने की जरूरत है।
- प्रिंस भंढुला, अध्यक्ष बीजेपी फार्मा सेल
रेलवे को ट्रेन के प्रत्येक डिब्बे में डाक्टरों की एक सीट रिजर्व कर देनी चाहिए। इससे डॉक्टर तो यात्रा कर सकेंगे और इमरजेंसी में किसी यात्री की मदद भी कर सकेंगे। कई बार देखा गया है कि यात्रा के दौरान मरीजों को इमरजेंसी आती है और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
- डॉ. संजीव भाटिया, ज्वाइंट सेक्रेटरी, चंडीगढ़ सर्जिकल सोसायटी
पंचकूला की ओर स्टेशन को अपग्रेड करने की जरूरत है। कुछ ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे ट्रेन निर्धारित समय पर चले। अक्सर ट्रेन लेट होने की खबरें आती रहती हैं।
- डॉ. पंकज गर्ग, कोलोरेक्टल सर्जन, फोर्टिस