ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत ही लोगों को पासपोर्ट बनाकर दिए गए। जून में पासपोर्ट कार्यालय की ओर से अधिकारी व कर्मचारियों की तैनाती की गई जो ऑनलाइन ही पासपोर्ट तैयार करेंगे, उस पर काम हुआ। लोगों की ऑनलाइन काउंसलिंग के बाद एक सप्ताह के अंदर पासपोर्ट उनके घरों तक पहुंचाए गए। यही नहीं, अवकाश के दिनों में भी उन लोगों के पासपोर्ट बनाकर दिए गए, जिनके विदेश में कोई रिश्तेदार फंसे थे। इस पहल को काफी सराहा गया।
पिछले साल विभाग को 3.51 लाख लोगों के आवेदन मिले थे। इसमें पासपोर्ट बनाने से लेकर कई अन्य सेवाएं ली गई थीं। विभाग ने इस लक्ष्य को पार किया। वर्तमान में विभाग ऑनलाइन प्रणाली से ही पासपोर्ट बना रहा है। प्रतिदिन 2000 से अधिक पासपोर्ट लोगों को भेजे जा रहे हैं। साथ ही हर दिन 70 से अधिक लोगों की वीडियो कांफ्रेंसिंग की जा रही है।
चंडीगढ़ के अलावा हरियाणा व पंजाब के कई जिलों को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय चंडीगढ़ की ओर से लाभ दिया जाता है। जनपदों में अंबाला, बरनाला, बठिंडा, भिवानी, चंडीगढ़, फतेहाबाद, फतेहगढ़ साहिब, हिसार, जगराओं (लुधियाना), जींद, कैथल, करनाल, खन्ना (लुधियाना), कुरुक्षेत्र, लुधियाना, मानसा, पंचकूला, पानीपत, पटियाला, रोपड़, एसएएस नगर, संगरूर, सिरसा, यमुनानगर आदि से विभाग को पासपोर्ट से जुड़ी सेवाएं मिलती हैं।
ये हैं पासपोर्ट के आंकड़े
माह पिछले साल बनाए गए पासपोर्ट
जून 14254
जुलाई 21001
अगस्त 34985
सितंबर 28160
अक्तूबर 22782
नवंबर 30532
दिसंबर 20945
पिछले साल कोरोना काल में 3.67 लाख लोगों के पासपोर्ट बनाए गए। कोरोना को पासपोर्ट की राह में आड़े नहीं आने दिया, जितने आवेदन आए सभी को निस्तारित किया गया। पढ़ाई के उद्देश्य से विद्यार्थी विदेश भी विशेष विमानों से जा रहे हैं। विभाग अब भी ऑनलाइन वीडियो कॉल के जरिए लोगों की काउंसलिंग करके पासपोर्ट जारी कर रहा है। मेरी लोगों से अपील है कि वे ऑनलाइन ही संपर्क साधें, सभी सुविधाएं ऑनलाइन मुहैया कराएंगे, कार्यालय फिलहाल न आएं। जरूरी हो तो पहले ऑनलाइन मिलने की तिथि लें। -शिबास कविराज, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी