चंडीगढ़ में अवैध तरीके से चल रहे सभी पेइंग गेस्ट (पीजी) बंद होंगे। प्रशासन ऐसे पीजी मालिकों पर कार्रवाई का मन बना चुका है। पहले शहर के सभी पीजी का डाटाबेस तैयार होगा। किस एरिया में कितने पीजी हैं, पीजी में रूम कितने हैं, उनमें क्या-क्या सुविधाएं हैं? यह सब जानकारी जुटाई जाएगी। अप्रूव्ड पीजी की पूरी डिटेल ऑनलाइन होगी। प्रशासन ने डाटाबेस जुटाकर ऑनलाइन करने की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है।
यह होगा फायदा
अप्रूव्ड पीजी की पूरी डिटेल प्रशासन के पास होगी। इससे आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगेगी। साथ ही देश में कहीं भी बैठकर पीजी की उपलब्धता को देखा जा सकेगा। दूसरे राज्यों से चंडीगढ़ पढ़ने आने वालों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा। वे शहर में आने से पहले ही पीजी बुक करवा सकेंगे। पीजी और ऑनर को लेकर किसी तरह की दिक्कत भी नहीं होगी। उसका पूरा रिकॉर्ड प्रशासन केपास होगा।
वीवीआईपी विजिट या त्योहारी सीजन में ही चेकिंग
शहर में कुल कितने पीजी हैं, अभी तक प्रशासन के पास इसका कोई डाटाबेस नहीं है। पीजी की रेगुलर चेकिंग का भी कोई प्रावधान नहीं है। शहर में किसी वीवीआईपी की विजिट या त्योहारी सीजन में अलर्ट होने पर ही रैंडम पीजी की चेकिंग होती है। इश्तिहार या अन्य प्रचार के जरिए ही पीजी रजिस्ट्रेशन के लिए अपील होती है, जिसमें बहुत से लोग रजिस्ट्रेशन करवाते ही नहीं हैं।
10 मरले की कोठी में ही पीजी
10 मरले से कम की कोठी में पीजी नहीं बनाया जा सकता। इसकेअलावा पीजी में हर रूम के साथ टॉयलेट अटैच होना चाहिए। पीजी में रहने वाले हर व्यक्ति की फोटो समेत डिटेल पुलिस को बतानी जरूरी है।
अभी सैकड़ों पीजी नियमों को ताक पर रखकर चल रहे
अभी सैकड़ों पीजी नियमों को ताक पर रखकर चल रहे हैं। बहुत कम ऐसे होंगे जो इन नियमों का पालन करते हैं। खासकर पेरीफेरी एरिया में चलने वाले पीजी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। मनीमाजरा में छोटे-छोटे घरों को पीजी बने हुए हैं। कई-कई कमरों के साथ एक ही टॉयलेट है।
पीजी का कंप्लीट डाटाबेस तैयार किया जाएगा। पूरे डाटाबेस को ऑनलाइन भी किया जाएगा। इसके लिए सॉफ्टवेयर चयन पर काम चल रहा है। सभी अवैध पीजी पर कार्रवाई होगी।
डा. एसबी दीपक कुमार, डीसी, चंडीगढ़