इन मानकों के आधार पर तैयार होती है सूची
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ ही ईज ऑफ लिविंग को भी बेहतर करने पर जोर दिया है इसलिए इस सूची को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। सरकार शहरी विकास पर खर्च का निर्धारण भी इसी सूची को प्राथमिकता में रखते हुए करती है। ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स पहली बार 2018 में जारी किया गया था। यह सूची सरकार, पहचान और संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, किफायती आवास, भूमि योजना, पार्क, परिवहन, जल आपूर्ति, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण की गुणवत्ता जैसे 15 मानकों के आधार पर तैयार की जाती है।
ये योजनाएं समय पर नहीं उतरीं धरातल पर
- डंपिंग ग्राउंड का अब तक ठोस समाधान नहीं निकला है
- साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट को शुरू होने में वर्षों लग गए
- लोगों की शिकायतों पर सुनवाई न होने की समस्या बनी हुई है
- आवास देने और पूरी व्यवस्था उपलब्ध कराने में प्रशासन असफल रहा
- राजस्व के मोर्चे पर भी चंडीगढ़ असफल रहा