फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

व्हाट्सएप पर निजता भंग होने से डरे चंडीगढ़ के अफसर, ली ‘सिग्नल’ की शरण 

Tue, 12 Jan 2021 10:40 AM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
Signal App permission - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

व्हाट्सएप की नई गोपनीयता नीति का खुलासा होने के बाद उपभोक्ताओं ने इससे किनारा करना शुरू कर दिया है। उपभोक्ताओं को अपनी निजता भंग होने का सबसे ज्यादा डर है। यही वजह है कि चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारी भी ‘सिग्नल’ एप की शरण में पहुंच गए हैं। अधिकारी भी मानते हैं कि व्हाट्सएप पर अब निजता सुरक्षित नहीं रह सकेगी। 

विज्ञापन


व्हाट्सएप की नई अधिसूचना के बाद से देश में निजता को लेकर बहस छिड़ गई है। व्हाट्सएप लोगों को अधिसूचना भेज नीति को मंजूर करने के लिए बाध्य कर रहा है। इसलिए लोग भड़क गए हैं और ज्यादा तादाद में अन्य एप पर पहुंच रहे हैं।

यह भी पढ़ें - लक्जमबर्ग में 20.58 लाख में बिका चंडीगढ़ का हेरिटेज टीक सोफा, विरोध के बावजूद नहीं रुकी नीलामी  
विज्ञापन


चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा, गृह सचिव अरुण कुमार गुप्ता, डीसी मनदीप सिंह बराड़, विशेष स्वास्थ्य सचिव सरप्रीत सिंह गिल, नगर निगम के कमिश्नर केके यादव, चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया, पर्यटन विभाग के निदेशक राकेश पोपली, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चीफ इंजीनियर राजीव सिंगला समेत कई अन्य अधिकारियों ने सिग्नल एप का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। हालांकि इन अधिकारियों ने अभी व्हाट्सएप को डिलीट नहीं किया है। कई कॉलेजों और स्कूलों के प्रिंसिपल भी व्हाट्सएप से किनारा कर ‘सिग्नल’ को अपना चुके हैं। 




क्या है ‘सिग्नल’
‘सिग्नल’ एक संदेश सेवा एप है। इसके जरिए संदेश, फोटो, वीडियो या लिंक्स भेज सकते हैं और ऑडियो या वीडियो कॉल्स कर सकते हैं। इस एप की खासियत यह है कि ये व्हाट्सएप की तरफ मुनाफे के लिए काम नहीं करती है। यह एक गैर लाभकारी कंपनी है। यहां लोगों की निजता भंग होने का खतरा नहीं है। यह एप निजी जानकारियां नहीं मांगता। यहां चैट बैकअप को क्लाउड (ऑनलाइन स्टोरेज) पर नहीं भेजा जाता। यह डाटा आपके फोन में ही सेव रहता है। इस एप में एक खास बात यह है कि कोई चैट का स्क्रीनशॉट नहीं ले सकता। यहां पुराने संदेश खुद ही गायब हो जाते हैं। व्हाट्सएप की तरह यहां ग्रुप बनाकर कोई भी आपको नहीं जोड़ सकता। इसमें पहले आमंत्रण भेजना पड़ता है।

निजता को लेकर सभी चिंतित
व्हाट्सएप की नई नीति पर काफी संदेह है। निजता को लेकर सभी चिंतित हैं। इसलिए मैंने ‘सिग्नल’ एप का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।  हालांकि मैंने अभी व्हाट्सएप को डिलीट नहीं किया है। - मनोज परिदा, सलाहकार, यूटी प्रशासक

‘सिग्नल’ फिलहाल सुरक्षित

विज्ञापन

जब से फेसबुक ने व्हाट्सएप को खरीदा है, वह डाटा चोरी कर रहा था लेकिन अब वह खुलेआम करने लगा है। मैं खुद पिछले चार साल से ‘सिग्नल’ एप का इस्तेमाल कर रहा हूं। यह फिलहाल सुरक्षित है लेकिन देश को अपना एप बनाना चाहिए। वरना डाटा चोरी का खतरा बना रहेगा। - राजेश राणा, साइबर विशेषज्ञ

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें