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सनक देखिए, जाम लगा तो हाईवे पर कार छोड़ पैदल चला गया घर

Tue, 03 Jan 2017 01:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Zirakpur traffic - फोटो : File Photo
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31 दिसंबर की शाम को लोगों को जीरकपुर में जाम का सामना करना पड़ा। जीरकपुर-पटियाला हाईवे पर करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा। इसमें फंसे लोग रास्ता खुलने का इंतजार करते रहे। वहीं, हाईवे पर स्थित लक्की ढाबा के पास एक कार चालक बीच हाईवे पर अपनी कार पार्क कर पैदल घर चला गया। ट्रैफिक खुलने के बाद खड़ी कार के पीछे काफी देर तक वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। इस बीच किसी राहगीर ने कंट्रोल रूम में फोन कर जाम लगने की सूचना दी।
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इसकी जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधिकारी मौक्े पर पहुंचे और उन्होंने उक्त कार मालिक के बारे में पूछताछ की। इसके बाद राष्ट्रीय राज्यमार्ग नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में कार मालिक के खिलाफ धारा 283 के तहत मामला दर्ज कर लिया। कार मालिक की पहचान अंकुश पुत्र गुरदेव सिंह, निवासी सिल्वर सिटी जीरकपुर के रूप में हुई है। वहीं, इस मामले में कार मालिक को जमानत मिल गई है। 

जीरकपुर थाने के एसएचओ भिंदर सिंह ने बताया कि 31 दिसंबर की शाम करीब सात बजे पटियाला चौक पर लंबा जाम लग गया था। इस बीच, किसी व्यक्ति ने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी कि जीरकपुर-पटियाला हाईवे स्थित लक्की ढाबे के पास एक व्यक्ति अपनी आई-20 कार को बीच सड़क पर पार्क करके चला गया है। इस कारण अन्य वाहन चालकों को निकलने के लिए रास्ता नहीं मिल रहा है। इससे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। 
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क्या है धारा 283

- फोटो : File Photo
दूसरी ओर, कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम तुरंत लक्की ढाबा चौक के पास पहुंची। वहां पर सफेद रंग की आई-20 कार हाईवे के बीच पार्क की हुई थी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने कार को जब्त कर उसके मालिक अंकुश से पूछताछ शुरू कर दी, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। पुलिस ने उसके खिलाफ हाईवे के नियमों की पालना न करने के आरोप में मामला दर्ज कर उसे थाने ले गई। 

अदालत के आदेश
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशानुसार राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर किसी तरह के वाहन को खड़ा करना अथवा पार्क करने पर सख्त मनाही है। इसके बावजूद अगर कोई ऐसी गलती करता है तो उसके खिलाफ संबंधित पुलिस थानों को धारा 283 के तहत मामला दर्ज करने का अधिकार दिए गए हैं। 

क्या है धारा 283
धारा 283 के तहत अपराध करने वाले आरोपी को पुलिस द्वारा थाने में जमानत देने का प्रावधान है। वहीं, अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ 200 से लेकर 500 रुपये या इससे ज्यादा की जुर्माना राशि की सजा का प्रावधान है। 
 
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