शिक्षा निदेशक रुबिंदर जीत सिंह बराड़ ने बताया कि मार्च में ही कोविड-19 को देखते हुए हमने स्कूलों को 9वीं के विद्यार्थियों को 30 अंक ग्रेस देने के निर्देश दिए थे, ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी उत्तीर्ण होकर अगली कक्षा में बैठ सकें।
इन स्कूलों में कंपार्टमेंट के सभी विद्यार्थी हुए फेल
जीएमएसएसएस-10 , जीएमएसएसएस- 15, जीएमएसएसएस-23 ए, जीएमएसएसएस-28 डी, जीएमएसएसएस -33, जीएमएसएसएस-44, जीएमएसएसएस- मलोया, जीएमएसएसएस- सारंगपुर, जीएमएसएसएस - रायपुर खुर्द, जीएसएसएस- खुड्डा अली शेर, जीएमएचएस-7, जीएमएचएस-12, जीएमएचएस-20 डी, जीएमएचएस-29 बी, जीएमएचएस-31सी, जीएमएचएस-32, जीएमएचएस-37, जीएमएचएस-40, जीएमएचएस-41 डी, जीएमएचएस-48, जीएमएचएस- खुड्डा जस्सू, जीएमएचएस- पॉकेट -1 मनीमाजरा, जीएमएचएस - धनास (1), जीएमएचएस- धनास (2), जीएमएचएस- करसन, जीएमएचएस- मौली कॉलोनी, जीएचएस-19, जीएचएस- 24, जीएचएस- 38 बी, जीएचएस-46, जीएचएस- 47, जीएचएस-50, जीएचएस-53, जीएचएस- कजहेरी, जीएचएस- हल्लोमाजरा, जीएचएस- दरिया, जीएचएस- सारंगपुर, जीएचएस- इंदिरा कॉलोनी मनीमाजरा।
शिक्षकों के अनुसार ये रहे कारण
- आरटीई के तहत पहली से आठवीं तक विद्यार्थियों को जबरदस्ती पास करना। पढ़ाई में कमजोर होने के कारण 9वीं का पाठ्यक्रम नहीं समझ पाना।
- कोविड-19 के कारण विद्यार्थी घरों में नहीं कर रहे पढ़ाई। विद्यार्थियों के मन में वहम कि परीक्षा के बिना ही किया जाएगा पास।
- शिक्षा विभाग की ओर से परीक्षा से लगभग एक हफ्ते पहले ही डेटशीट जारी करना। समय पर परीक्षा लेने का फैसला नहीं कर पाने के कारण विद्यार्थियों को लगा पेपर नहीं होंगे।
- अंतिम वर्ष की परीक्षा में दिए 30 अंक ग्रेस दिए गए थे। विद्यार्थियों को लगा शायद इस बार भी मिलेगी छूट।
- एक हफ्ते में ही करवाए सभी पेपर। कई स्कूलों में दो शिफ्टों में हुई परीक्षा, इसके कारण भी विद्यार्थियों को तैयारी का ज्यादा समय नहीं मिला।