फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झूठ और सच : दुष्कर्म की निराधार एफआईआर दर्ज करवाने पर एक लाख जुर्माना

Sun, 04 Apr 2021 01:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़

सार

  • जांच में निराधार पाए गए आरोप
  • चंडीगढ़ के इंस्टीट्यूट ऑफ ब्लाइंड में जमा करवानी होगी जुर्माना राशि
विज्ञापन
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सत्ताधारी पार्टी के नेता पर दुष्कर्म और ब्लैकमेल का आरोप लगाते हुए जांच सीबीआई को सौंपने की मांग करना एक महिला को भारी पड़ गया। विशेष जांच दल की रिपोर्ट में एफआईआर को झूठा पाने के बाद हाईकोर्ट ने कानून का मजाक बनाने के लिए पीड़िता पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। यह राशि पीड़िता को चंडीगढ़ के इंस्टीट्यूट ऑफ ब्लाइंड में सौंपनी होगी। हालांकि हाईकोर्ट की ओर से सीबीआई जांच की मांग ठुकराने के बाद अभी ट्रायल कोर्ट का फैसला आना बाकी है।

विज्ञापन


याचिका दाखिल करते हुए पीड़िता ने बताया कि वह मोगा में एक डिस्पेंसरी में नर्स है। सत्ताधारी पार्टी का स्थानीय नेता अक्सर वहां आता रहता था और दिसंबर 2019 में उसने याची से कहा कि उसके पास याची की अश्लील तस्वीरें हैं। याची या तो उसे 5 लाख रुपये दे या फिर उससे संबंध बनाए। अपनी इज्जत बचाने के लिए याची ने 4 लाख रुपये दे दिए लेकिन उसने सभी फोटो डिलीट नहीं किए और दोबारा 3 लाख की मांग कर दी। मांग पूरी न होने पर वह याची को अपने साथ ले गया और दुष्कर्म किया। 

याची ने पुलिस को शिकायत दी, लेकिन सत्तासीन पार्टी से तार जुड़े होने के चलते कार्रवाई नहीं हुई। हाईकोर्ट के आदेश पर एसआईटी गठित की गई और एसआईटी ने पाया कि आरोप बेबुनियाद हैं और दोनों के बीच काफी अच्छे संबंध थे। साथ ही एक होटल का नाम बताया गया, जहां याची और आरोपी दोनों अक्सर जाया करते थे। 
विज्ञापन


इस रिपोर्ट के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि यह याचिका और कुछ नहीं बल्कि कानून के साथ मजाक है और ऐसे में याची को सबक सिखाना जरूरी है। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए याची पर 1 लाख रुपये जुर्माना लगाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें