जेल में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पैरोल पर भेजे गए कैदियों को लेकर पंजाब जेल प्रशासन बेहद चिंतित है। पैरोल पर गए अभी 150 कैदी जेल नहीं पहुंचे हैं। नदारद कैदियों की तलाश के लिए अब जल्द ही पंजाब पुलिस अभियान छेड़ेगी। जिसका दारोमदार जिला पुलिस पर रहेगा।
मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए पंजाब जेल प्रशासन ने 6000 कैदियों (अंडर ट्रायल) को पैरोल पर रिहा करने का फैसला किया था। जिसके बाद कई चरण में जेल प्रशासन ने कैदियों को पैरोल पर रिहा किया था।
विभाग ने तय किया था कि जिन कैदियों को यह विशेष पैरोल दी गई है, उनको 650 से 700 के बैच में वापस बुलाया जाएगा। अब तक जेलों में 5850 कैदी वापस आ चुके हैं। जेल लौटने वाले पुरुष कैदियों के लिए बरनाला, पठानकोट एवं महिला कैदियों के लिए मलेरकोटला की जेल तय की गई थी।
अब कैदियों की पैरोल खत्म हुए एक माह से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन 150 से अधिक कैदी वापस नहीं आए हैं। ऐसे कैदियों के जेल नहीं पहुंचने को लेकर जेल प्रशासन खासा चिंतित है। हालांकि अब जेल प्रशासन की इस परेशानी को देखते हुए सरकार ने सभी संबंधित जिला पुलिस अधिकारियों को ऐसे कैदियों को चिह्नित कर गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।
आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी
पैरोल पर गए कैदियों की वापसी के लिए जेल प्रशासन ने संक्रमण के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट को अनिवार्य किया गया है। टेस्ट रिपोर्ट जेल लौटने से तीन दिन पहले की होनी चाहिए। जेल प्रशासन ने पैरोल देने के दौरान पहले जाओ, पहले आओ के आधार पर सूबे की विभिन्न जेलों से कैदियों को पैरोल दी थी।
पैरोल पर गए कैदी अब वापस आ रहे हैं। 90 प्रतिशत से ज्यादा कैदियों की वापसी हो चुकी है, लेकिन जो अभी नहीं पहुंचे हैं उनके लिए जल्द ही विशेष अभियान चलाया जाएगा।
-प्रवीन सिन्हा, एडीजीपी (जेल) पंजाब