चंडीगढ़ में अब सीटीयू की बसों को मोबाइल पर ट्रैक किया जा सकेगा। यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने इसके लिए शुक्रवार को ‘ट्राइसिटी बस एप’ लांच कर दिया। प्रशासन ने इसे ‘इंडिपेंडेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम’ नाम दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद से शहर के सार्वजनिक परिवहन में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे।
प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि इस एप की सहायता से लोग बस का समय, किराया, लोकेशन और रूट का पता लगा सकेंगे, जिससे उन्हें अब बसों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रशासन ने फिलहाल 14 रूटों को कवर करते हुए 100 बसों में यह व्यवस्था की है। अगले कुछ समय में 64 रूटों पर 350 बसों में यह सिस्टम प्रदान किया जाएगा।
यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने पंजाब राजभवन में इस एप को लांच किया। इस मौके पर एडवाइजर मनोज परिदा, परिवहन सचिव हरीश नैयर और निदेशक उमा शंकर गुप्ता मौजूद रहे। नई व्यवस्था से चंडीगढ़ के पूरे बस नेटवर्क पर नजर रखना आसान होगा। विभाग ने यात्रियों के लिए सेक्टर-17, 43 बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और शहर के अन्य 12 बस क्यू शेल्टर पर एलईडी स्क्रीन लगा दी हैं, जिससे लोगों को बसों के बारे में जानकारी मिलती रहेगी।
केंद्रीय कंट्रोल रूम से बसों के अंदर रखी जाएगी नजर
सिस्टम के तहत प्रत्येक बसों में चार कैमरे लगाए गए हैं, जिससे स्टाफ के साथ ही यात्रियों के बर्ताव के बारे में भी जानकारी मिलती रहेगी। केंद्रीय कंट्रोल रूम से इन बसों को मॉनिटर किया जाएगा। इनमें एक इमरजेंसी बटन भी लगा हुआ है, जिससे स्टाफ व यात्री इमरजेंसी में पुलिस और एंबुलेंस की सहायता की प्राप्त कर सकेंगे।
प्रशासन ने इसके प्रमुख प्रोजेक्ट कंट्रोल रूम तैयार करने पर भी काम शुरू कर दिया है। सेक्टर-43 में प्रशासन की तरफ से कंट्रोल रूम बनाया जाना है, जिसके इलेक्ट्रिकल वर्क के लिए वह कंपनी हायर करने जा रहा है। कंट्रोल रूम तैयार होने के बाद यहां से ही बसों की मूवमेंट पर नजर रखी जाएगी और लोगों के मोबाइल पर इसकी ‘रियल टाइम’ जानकारी प्रदान की जाएगी।