पैरोल पर छूटे तीन कैदियों की अलग-अलग बीमारियों से मौत हो चुकी है। पंजाब के नवांशहर निवासी भूपिंदर पाल के खिलाफ चंडीगढ़ के सेक्टर-36 थाना थाने में दर्ज नशा तस्करी के मामले में सात साल की सजा हो रखी थी। 11 जून 2020 को उसे पैरोल पर छोड़ा गया था। वहीं, मलोया के रहने वाले जगजीत कुमार को भ्रष्टाचार के मामले में दो साल की सजा हुई थी।
23 अप्रैल को वह पैरोल पर बाहर आया था, जबकि राम दरबार निवासी धर्मेंद्र के खिलाफ नशा तस्करी के मामले में सात साल की सजा हो रखी थी। वह 14 मई को पैरोल पर बाहर आया था। इन सभी को अलग-अलग तारीख पर बुड़ैल जेल वापस लौटना था लेकिन इससे पहले इनकी मौत हो गई।
हत्या केस में उम्रकैद के दो कैदी फरार
पैरोल से फरार होने वाले दोनों कैदी हरियाणा के जींद निवासी बजिंदर और सोनीपत निवासी प्रदीप हैं। दोनों पर चंडीगढ़ के अलग-अलग थाने में हत्या का मामला दर्ज था। दोनों को उम्रकैद की सजा हो रखी है। बजिंदर को पहले और प्रदीप को दूसरे ग्रुप में पैरोल पर भेजा गया था।
दोनों को 15 से लेकर 20 नवंबर के बीच वापस जेल लौटना था लेकिन दोनों नहीं लौटे। कैदियों के जेल न लौटने पर जेल प्रबंधन ने दोनों के खिलाफ स्थानीय जिलाधिकारी को सूचना दी गई थी। इस आधार पर पुलिस ने मामला दर्जकर तलाश शुरू कर दी है।
पैरोल पर छूटे सात अपराधी दोबारा पहुंचे जेल
बता दें कि पैरोल पर छूटे ज्यादातर अपराधियों को चोरी के केस में सजा हो रखी थी। हैरानी की बात है कि पैरोल पर छूटे करीब सात ऐसे कैदी भी थे, जो अलग-अलग अपराध को अंजाम देकर दोबारा जेलों में पहुंच गए हैं, जबकि कई को जमानत मिल चुकी है।
पैरोल पर छूटे ज्यादातर कैदी वापस लौट चुके हैं। दो कैदी अभी तक नहीं लौटे हैं। स्थानीय अधिकारियों को इनके बारे में सूचित कर दिया गया है। -विराट, एडिशनल आईजी, बुड़ैल जेल चंडीगढ़।