प्रदर्शन के दौरान कंट्रोलर एग्जामिनेशन प्रो. परविंदर सिंह ने विद्यार्थियों से बातचीत की। इस मौके प्रो. परविंदर ने कहा कि फीस के मामले में वे कुछ नहीं कर सकते, इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है। इसके बाद डीएसडब्ल्यू वुमन प्रो. सुखबीर कौर और डीएसडब्ल्यू प्रो एसके तोमर ने विद्यार्थियों से संवाद किया। डीएसडब्ल्यू ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को सुना जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को शांत करते हुए कहा कि विद्यार्थी चाहे तो पीयू प्रशासन की फीस को लेकर अगली बैठक तक फीस नहीं जमा करवाएं।
पुलिस ने स्टूडेंट पर मारपीट का लगाया आरोप
एडमिन ब्लॉक में पीयू सिक्योरिटी और विद्यार्थियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसी दौरान पहले पीयू छात्रा ने सिक्योरिटी पर उसके साथ बदतमीजी करने का आरोप लगाया। इसी दौरान मामला गरमाने पर वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी विद्यार्थियों को धकेलने लगे। इसी बीच एडमिन ब्लॉक के बाहर बैठकर महिला पुलिसकर्मी ने रोते हुए प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थी की ओर से उनके पेट में मरने का आरोप लगाया। वहीं विद्यार्थियों ने मौके की वीडियो दिखाते हुए पुलिस के आरोप को नकारा है। विद्यार्थियों का कहना है पीयू प्रशासन कोई भी आरोप लगाने से पहले सीसीटीवी फुटेज की जांच करवाए।
क्या कहते हैं छात्र नेता
फीस जमा कराने का नोटिस वापस ले पीयू
पंजाब स्टूडेंट काउंसिल ने यूनिवर्सिटी की सभी स्टूडेंट पार्टी के साथ एडमिन ब्लॉक के बाहर संयुक्त प्रदर्शन किया। हमारा मुद्दा है कि यूनिवर्सिटी फीस जमा करवाने की अधिसूचना को वापस ले।
- चेतन चौधरी, पूर्व प्रेसिडेंट, स्टूडेंट काउंसिल, पीयू
कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला
एडमिन ब्लॉक के बाहर लगातार तीन से चार घंटे प्रदर्शन किया। इस दौरान पीयू अधिकारियों ने खुद आने की बजाय हॉस्टल वार्डन को हमें हटाने के लिए भेजा। इसके बाद मांग करने पर कंट्रोलर एग्जामिनेशन और डीएसडब्ल्यू ने बाहर आकर मुलाकात की। लेकिन उनसे भी कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।
- राहुल, पूर्व वाइस प्रेसिडेंट , स्टूडेंट काउंसिल
पीयू प्रशासन ने विद्यार्थियों की फीस वृद्धि की जायज मांग को सुनने की बजाय सिक्योरिटी के माध्यम से उनके साथ ही धक्केशाही करवाई। विद्यार्थियों के साथ इस तरह का रवैया को विद्यार्थी सहन नहीं करेंगे।
- मनप्रीत माहल, पूर्व जॉइंट सेक्रेटरी, स्टूडेंट काउंसिल