परीक्षा शुल्क समायोजित करने की मांग को लेकर गुरुवार को एबीवीपी व इनसो छात्र संगठन ने पीयू के एडमिन ब्लॉक के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की तो पुलिस ने रोक लिया, जिस पर पुलिस से नोकझोंक भी हुई। आखिर में छात्रों को आश्वासन दिया गया कि इस प्रकरण पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद विद्यार्थी शांत हुए।
एबीवीपी और इनसो ने साथ मिलकर विश्वविद्यालय के अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और इंटरमीडिएट सेमेस्टर के छात्रों के लिए पिछले सेमेस्टर परीक्षा शुल्क को समायोजित करने की मांग की। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने उसी के लिए एक बैठक आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की और फीस जमा करने की तारीख भी बढ़ा दी, जिससे छात्रों को फीस जमा करने के लिए 10 और दिन दिए गए। यानी अब 20 नवंबर तक विद्यार्थी परीक्षा शुल्क जमा कर सकेंगे।
एबीवीपी के पीयू अध्यक्ष पारस रतन ने कहा कि कई छात्रों के परिवारों को महामारी की स्थिति के कारण आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है पर अभी भी अधिकारियों को इस बारे में कोई चिंता नहीं है। एबीवीपी पीयू सचिव ऋषिका राज ने कहा कि छात्रों से ली गई प्रवेश परीक्षा की फीस का भी उपयोग नहीं किया गया है और उस फीस के पैसों से भी विश्वविद्यालय सेमेस्टर परीक्षाएं करवाने के योग्य है।
अगली बैठक में उचित कदम उठाएं, वरना होगी कठोर कार्रवाई
इनसो के चेयरमैन रजत नैन ने कहा कि अधिकारियों के पास इस बात का कोई हिसाब नहीं है कि जब परीक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से हो रही हैं तो उन पैसों का उपयोग कहां किया जा रहा है। दोनों संगठनों ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर अगली बैठक में कोई कदम नहीं उठाया जाता है तो अगले चरण में वह कठोर कार्रवाई करेंगे। इस मौके पर कुदरत बाजवा, उपाध्यक्ष प्रभ ग्रेवाल, पूनम, इनसो के सदस्य संजय सिंह, जतिन, पंकज आदि मौजूद रहे।