इससे पहले एक दिन के लिए काम छोड़ हड़ताल और रोष प्रदर्शन 15 अक्तूबर को नगर निगम कार्यालय के सामने किया गया था लेकिन नगर निगम के अधिकारियों और कमिश्नर ने यूनियन के साथ कोई बैठक नहीं की। ऐसे में 17 अक्तूबर को यूनियन की एक बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि 23 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
यूनियन के अध्यक्ष का कहना है कि इस हड़ताल में ठेके पर काम कर रहे सफाई कर्मचारी भी उनका साथ देंगे। अध्यक्ष का कहना है कि डेलीवेज कर्मचारियों को पक्का करने के अलावा उन्हें समान वेतन देने की मांग भी की जा रही है। उनका कहना है कि ठेकेदार के अधीन काम करने वाले कर्मचारियों को नगर निगम के अधीन किया जाए। निगम में सफाई कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है।
2 लाख 10 हजार घर से कचरा लेते हैं कर्मचारी
निगम के अनुसार घर-घर से कचरा लेने वाली एसोसिएशन 2 लाख 10 हजार घरों से कचरा उठाती है। हालांकि, एसोसिएशन के अध्यक्ष ओम प्रकाश सैनी के अनुसार ढाई लाख से ज्यादा घरों से एसोसिएशन कचरा उठाती है। गांव में जहां गाड़ी नहीं जा पाती है, वहां से भी एसोसिएशन ही कचरा उठाती है।