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एडवाइजर साहब... करनाल और बठिंडा के डीईओ ने फैसला ले लिया, आप कब लेंगे?

Thu, 23 Feb 2017 09:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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एडवाइजर परिमल राय - फोटो : File Photo
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एडवाइजर साहब ...शहर के हजारों अभिभावक प्राइवेट स्कूलों की महंगी किताबों से परेशान हैं। एनसीईआरटी किताबें सिलेबस में शामिल करने पर यूटी प्रशासन कोई फैसला नहीं ले पा रहा। लेकिन करनाल और बठिंडा जैसे शहरों के जिला शिक्षा अधिकारियों(डीईओ) ने अपनेे स्तर पर ही यह साहस कर दिखाया है, आप कब लेंगे।
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  शहर के प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों में एनसीईआरटी किताबें सिलेबस में लागू करवाने के मामले में यूटी प्रशासन प्राइवेट स्कूलों के सामने घुटनों पर आ गया है। प्राइवेट स्कूलों की कोर कमेटी (11 सदस्यों) ने एनसीईआरटी किताबें सिलेबल मेें लागू करने से इंकार कर दिया है। शिक्षा विभाग भी मामले में शांत बैठ गया है।  सीबीएसई के निर्देश के बावजूद विभाग के अधिकारी प्राइवेट स्कूलों को निर्देश जारी करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। मामले में यूटी शिक्षा विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि सीबीएसई की ओर से इस संबंध में कोई लिखित सर्कुलर शिक्षा विभाग को नहीं मिला है और न ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) से निर्देश जारी हुआ है। 

उधर, प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने को लेकर हरियाणा के करनाल और पंजाब के बठिंडा के जिला शिक्षा अधिकारियों ने सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को आगामी सत्र से सिलेबस में सिर्फ एनसीईआरटी किताबें रखने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।   जानकारी अनुसार करनाल डीईओ ने 22 फरवरी और बठिंडा डीईओ ने 20 फरवरी को इस संबंध में सीबीएसई, एचबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से एफिलिएटेड स्कूलों को पत्र जारी किया है। जिसमें एनसीईआरटी किताबों के अलावा, फीस बढ़ोतरी से पहले शिक्षा विभाग से अनुमति, पहली, छठीं ,नौंवीं और ग्यारहवीं में ही एनुअल चार्ज वसूलने, स्मार्ट क्लास फीस, कंप्यूटर फीस और एडिशनल चार्ज पर भी रोक लगाने का निर्देश दिया है। कहा गया है कि आदेशों को नहीं मानने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।   
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'कंपलसरी नहीं एनसीईआरटी किताबें'

‌किताबें - फोटो : Demo Pic
निजी पब्लिशर्स की किताबों से प्राइवेट स्कूलों को मोटी कमाई 
शहर के प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूल निजी पब्लिशर्स की महंगी किताबों से मोटाई कमाई करते हैं। जानकारी अनुसार स्कूलों को पब्लिशर्स से मोटा कमीशन मिलता है। प्राइवेट स्कूल निजी पब्लिशर्स की किताबों को सिलेबस में शामिल करने से पहले शिक्षा विभाग से भी अनुमति नहीं लेते। इस साल शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों को दिखावे के लिए सिर्फ निजी पब्लिशर्स की किताबें वेबसाइट पर जारी करने का निर्देश दिया है। किताबों की लिस्ट जारी करने की तिथि भी अभी तक निर्धारित नहीं की है। 

शहर के प्राइवेट स्कूल निजी पब्लिशर्स के साथ मिलकर मोटी कमाई कर रहे हैं। लेकिन यूटी प्रशासन के अधिकारी मामले में पूरी तरह आंखें बंद करके बैठे हैं। अगर करनाल और बठिंडा जैसे शहरों के जिला शिक्षा अधिकारी प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दे सकते हैं तो यूटी प्रशासन के अधिकारी क्यों घबरा रहे। प्रशासन को मामले में कड़ा कदम उठाना चाहिए। हजारों अभिभावक महंगी किताबों से परेशान हैं। 
नितिन गोयल, प्रेसिडेंट चंडीगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन  
 
सीबीएसई की ओर से अभी तक यूटी प्रशासन को प्राइवेट स्कूलों में सिर्फ एनसीईआरटी किताबें लागू करने का निर्देश नहीं मिला है। सर्कुलर में भी यह नहीं लिखा गया है। विभाग ने अपने स्तर पर प्राइवेट स्कूलों को अधिक से अधिक एनसीईआरटी किताबें लगाने को कहा है। प्राइवेट पब्लिसर्श की जानकारी वेबसाइट पर देनी होगी। 
रुबिंदरजीत सिंह बराड़,डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन, चंडीगढ़ 

इस मामले में अभी कोई जानकारी नहीं है। 
परिमल राय, एडवाइजर यूटी 
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