चंडीगढ़ से हरिद्वार जाने के लिए सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शनिवार को जनशताब्दी एक्सप्रेस में दो कोच लगते हैं। मगर इस ट्रेन से जाने वाले यात्रियों को अंबाला में 2 घंटे 35 मिनट इंतजार करना पड़ता है।
अंबाला में ये दोनों कोच जनशताब्दी से अलग कर शंटिंग लाइन पर खड़े कर दिए जाते हैं, जहां यात्रियों को कुछ नहीं मिलता। सुबह 8:30 बजे चंडीगढ़ से जनशताब्दी अंबाला पहुंच जाती है।
इससे दोनों कोच अलग कर 11:05 बजे अंबाला पहुंचने वाली अमृतसर-हरिद्वार जनशताब्दी में लगाए जाते हैं। इस तरह हरिद्वार यात्रा एक यातना जैसी हो जाती है।
ट्रेन के लिए प्लानिंग हो चुकी थी
पूर्व रेलमंत्री पवन कुमार बंसल के अनुसार उनके कार्यकाल में रेल बजट में चंडीगढ़ से चलने वाली या यहां से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनों को शामिल किया गया था।
ऐसे में योजना थी कि जिस तरह से रेल बजट से पहले चंडीगढ़ से नई दिल्ली के बीच दोपहर की शताब्दी शुरू की गई थी उसी तरह से बजट के कुछ दिनों बाद चंडीगढ़ से हरिद्वार के लिए ट्रेन चला दी जाएगी। इसकी तैयारी भी हो गई थी।
लेकिन, ऐसा नहीं हो पाया क्योंकि रेल घूस कांड में त्याग पत्र देना पड़ा। बंसल का कहना है कि वह चाहेंगे कि इस बार रेल बजट में हरिद्वार के लिए ट्रेन की घोषणा हो जाए।
उत्तरांचल वासियों की मांग
चंडीगढ़ में काफी संख्या में उत्तरांचल के लोग रहते हैं। ये सभी हरिद्वार के लिए सीधी ट्रेन चाहते हैं। नगर निगम पार्षद गुरबख्श रावत ने कहा कि हरिद्वार के लिए ट्रेन की मांग लंबे समय से हो रही है और इस बार हम उम्मीद करते हैं कि रेल बजट में हरिद्वार के लिए ट्रेन की घोषणा हो जाए।