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चंडीगढ़ में पानी के रेट 60 से 90 प्रतिशत तक बढ़ाने की तैयारी, कुछ ऐसा है प्रपोजल

Tue, 26 Jun 2018 12:17 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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WATER-CRISIS
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नगर निगम चंडीगढ़ ने पानी का रेट 60 से 90 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव चर्चा और मंजूरी के लिए वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक में आ रहा है। इस बैठक में मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव अंतिम फैसले के लिए 29 जून को होने वाली सदन की बैठक में रखा जाएगा। जानकारी के मुताबिक, अधिकारियों ने जो प्रस्ताव तैयार किया है, उसके अनुसार साल 2011 से लेकर अब तक हर साल की 7 प्रतिशत का इजाफा किया गया है। नगर निगम के अनुसार अमरूत स्कीम के तहत हर साल पानी के रेट में 7 से 10 प्रतिशत का इजाफा होना चाहिए।
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अधिकारियों के अनुसार इससे पहले साल 2011 में पानी के रेट बढ़े थे, उसके बाद से रेट में कोई इजाफा नहीं हुआ है। साथ ही इस समय जो  सीवरेज रेट घर में लगने वाली प्रति टायलेट सीट पर लग रहा है, उसे भी बढ़ाने का प्रस्ताव है। प्रस्ताव के अनुसार हर दो माह में आने वाले पानी के बिल का 60 प्रतिशत सीवरेज सेस वसूला जाएगा। अभी तक प्रति टायलेट की सीट का प्रति माह के हिसाब से मात्र 10 रुपये ही चार्ज किया जाता है। दिल्ली में भी कुल बिल का 60 प्रतिशत सीवरेज सेस चार्ज किया जाता है।

बता दें कि नगर निगम ने जो पानी के रेट बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है उसके लिए पंचकूला , मोहाली और दिल्ली में लागू होने वाले रेट भी स्टडी किए हैं उन्हें भी प्रस्ताव के साथ जानकारी देने के लिए जोड़ा गया है। प्रस्ताव में पानी के रेट बढ़ाने के पीछे नगर निगम ने तीन अहम कारण बताए हैं। इनमें पेट्रोल-डीजल और बिजली के रेट बढ़ने का अलावा तीसरा कारण वाटर सप्लाई नेटवर्क के रखरखाव का खर्चा बढ़ना बताया गया है। प्रस्ताव के अनुसार अगर 7 प्रतिशत वाले स्लैब को मंजूरी दी जाती है तो नगर निगम को 75.93 की बजाय 125.29 करोड़ रुपये की कमाई हर साल होगी जबकि अगर 2011 से लेकर अब तक प्रति साल 10 प्रतिशत की इजाफा राशि जोड़ी जाए तो हर साल नगर निगम को पानी के बिल से 167.14 करोड़ रुपये की कमाई हो रही है।
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नगर निगम के अनुसार अगर पहले स्लैब (7 प्रतिशत) के हिसाब से रेट बढ़ता है तब भी नगर निगम को हर साल होने वाला घाटा 35.38 करोड़ का रह जाएगा जबकि अगर दूसरे स्लैब को मंजूरी दी जाती है तब घाटे का आंकड़ा मात्र 6.51 करोड़ रुपये का रह जाएगा। बता दें कि नगर निगम का कहना है कि हर साल पानी की सप्लाई से 75 से 80 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। नगर निगम के अनुसार अगर इन बढ़े हुए प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो पूरे शहर में 100 प्रतिशत मीटरिंग कर दी जाएगी और कहीं पर भी बिना मीटर के पानी की सप्लाई नहीं होगी।

किलो लीटर वर्तमान रेट, प्रस्तावित बढ़े हुए रेट(7 प्रतिशत के हिसाब से) 10 प्रतिशत के हिसाब से
0 से 15     2 रुपये प्रति किलो लीटर     3.21 रुपये     3.90 रुपये
16  से 30     4 रुपये प्रति किलो लीटर    6.42 रुपये    7.79 रुपये
30 से 60    6 रुपये प्रति किलो लीटर    9.64 रुपये    11.69 रुपये
60 से ऊपर     8 रुपये प्रति किलो लीटर    12.8 रुपये    15.58 रुपये
कामर्शियल 15 रुपये प्रति किलो लीटर     24.09 रुपये     29.22 रुपये                 
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मोहाली के रेट
0 से 20 किलो लीटर तक         4.5 रुपये प्रति किलो लीटर
20 से ऊपर         10 रुपये प्रति किलो लीटर
व्यवसायिक         10 रुपये प्रति किलो लीटर

हरियाणा के रेट
0 से 20 किलो लीटर तक  4 से 5 रुपये किलो लीटर
20 किलो लीटर से ऊपर     8 से 10 रुपये किलो लीटर
व्यवसायिक         10 से 15 रुपये किलो लीटर

दिल्ली में एक फरवरी से यह है रेट
0 से 20 किलो लीटर     3.27 रुपये किलो लीटर
20 से 30 किलो लीटर    26.36 रुपये किलो लीटर
30 से ऊपर         43.93 रुपये किलो लीटर

 
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