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पोल खुली: स्वच्छता के नाम पर नगर निगम चंडीगढ़ लोगों को बना रहा बेवकूफ, जस का तस पड़ा कचरा

Wed, 26 Jun 2019 12:36 PM IST
खुशबू गोयल रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कूड़ा-कचरा - फोटो : फाइल फोटो
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स्वच्छता रैंकिंग में 20वें नंबर पर पहुंचने के बावजूद नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी शहर की सफाई को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं। बल्कि वे उन्हें सफाई न करनी पड़े, इसके लिए लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रहे हैं। ऐसा लगता है मानों केंद्र सरकार को दिखाने के लिए शहर में स्वच्छता के नाम पर महज दिखावा किया जा रहा है।
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एप पर आ रही शिकायतों का किस तरह से निपटारा किया जा रहा है, इसका अमर उजाला ने रिएलिटी चेक किया। जो बात सामने आई वह हैरान करने वाली थी। चंडीगढ़ में सफाई को लेकर कर्मचारियों और अधिकारियों का यही रवैया रहा तो इस बार भी स्वच्छता रैंकिंग में टॉप 20 में भी शहर के आने की उम्मीद नहीं है।

चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की मेन एंट्री से थोड़ा आगे जाकर एचएसबीसी बैंक के पास कई दिनों से फुटपाथ पर कचरा इकट्ठा हुआ है। नगर निगम के सफाई कर्मचारी आते तो रोजाना हैं, लेकिन पहले से पड़े कचरे में और कूड़ा फेंक जाते हैं। रविवार दोपहर को स्वच्छता एप पर फोटो के साथ इसकी शिकायत दर्ज की गई।
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हैरानी की बात है कि 24 घंटे में कचरे को साफ करने का दावा करने वाली नगर निगम की तरफ से करीब 42 घंटे बाद यानी मंगलवार सुबह एप पर नोटिफिकेशन आया ‘Resolve’ लेकिन मौके पर जाकर देखा गया तो कचरा जस का तस पड़ा था, बल्कि लोगों ने उस जगह और कचरा फेंका हुआ था।

शहर का ऐसा हिस्सा, जहां पुलिस मुख्यालय, सचिवालय, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड और अन्य महत्वपूर्ण मुख्यालय हैं, वहां नगर निगम की ऐसी हरकत उसकी कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करती है।

कर्मचारियों की इन हरकतों की वजह से एप पर शिकायतें आनी हुईं कम

सफाई, रोशनी सहित नागरिकों की अन्य समस्याएं दूर करने के लिए शुरू किए गए स्वच्छता एप पर अब शहरवासियों की तरफ से की जाने वाली शिकायतों में भारी कमी आई है। पिछले साल स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान शहर के बहुत से लोगों ने स्वच्छता एप को डाउनलोड किया था। उस वक्त औसतन हर 5 मिनट में एप पर एक शिकायत दर्ज की जा रही थी। लेकिन नगर निगम के कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से लोगों ने शिकायत करना कम कर दिया है, अब औसतन एक घंटे में एक शिकायत दर्ज की जा रही है। उसका भी सही से निवारण नहीं किया जा रहा।

दो-तीन दिन में भी समाधान नहीं
नगर निगम के अफसर दावा कर रहे हैं कि एप पर आई शिकायतों का तुरंत समाधान हो रहा है, जबकि हकीकत यह है कि एप पर डाली जा रही शिकायतों का 24 घंटे में समाधान होना तो दूर 2-3 दिन में भी नहीं हो पा रहा और कहीं हो रहा है तो वह सिर्फ खानापूर्ति के लिए।

नगर निगम की तरफ से एप पर आई शिकायतों का निपटारा होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जब इन्हीं शिकायतों को मौके पर जाकर देखा गया तो पता चला कि कचरा जस का तस बिखरा है। अब सवाल यह उठता है कि क्या नगर निगम का मकसद सिर्फ लोगों से एप डाउनलोड करवाकर स्वच्छता रैंकिंग में अव्वल आना है या सच में वह शहर को साफ देखना चाहता है।

 

क्या है स्वच्छता एप

स्वच्छता एप आप अपने मोबाइल के प्ले स्टोर में जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। डाउनलोड करने के बाद एप आपकी लोकेशन और मोबाइल नंबर पूछेगा। इसके बाद यह चालू हो जाएगा। इसमें आप अपने गली-मोहल्ले में फैली गंदगी की फोटो अपलोड कर सकते हैं। नगर निगम 24 घंटे के भीतर इसकी सफाई सुनिश्चित करवाएगा। स्वच्छता सर्वे में बाकायदा नगर निगम को इसके अंक मिलेंगे। इसी के आधार पर शहर की स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग तय होनी है।

ऐसी शिकायतें पोस्ट कर सकते हैं एप पर
. कूड़े की गाड़ी न आई हो
. अगर कहीं पर मृत पशु पड़ा हुआ हो
. जन शौचालय में भराव हो रहा हो
. अगर कहीं पर सफाई न हो रही हो
. काफी दिनों से कहीं कूड़ा एकत्रित हो

प्रयोग करना आसान
. मोबाइल के प्ले स्टोर पर स्वच्छता एप डाउनलोड कीजिए
. समस्या की तस्वीर खींचिए
. तस्वीर एप पर अपलोड कीजिए
. आसपास की जगह का नाम भरिए
. समस्या दूर होने या न होने पर अपनी राय भी दीजिए
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पहले भी इस तरह की शिकायत मिली है। जानकारी मेरे संज्ञान में आई है, क्षेत्र में संबंधित सफाई कर्मी को बुलाकर पूछताछ करूंगा। लापरवाही मिली तो सीधी कार्रवाई की जाएगी।
- केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम

अभी जानकारी मिली है। एप पर आ रही शिकायतों की स्थिति जांच रहे हैं। लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारी के ऊपर कार्रवाई की जाएगी।
- एसके जैन, एडिशनल कमिश्नर-2, नगर निगम
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