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एक मां ऐसी भी! पांच घंटे के नवजात को अस्पताल में ही छोड़ गई, इलाज के दौरान बच्चे ने तोड़ा दम

Wed, 26 Jun 2019 12:24 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबाला सिटी(हरियाणा)
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फाइल फोटो
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मां ऐसी भी होती है, जो अपने ही अंश को मरने के लिए छोड़ दे। महिला पांच घंटे को नवजात को छोड़कर चली गई, जिसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मामला हरियाणा की अंबाला सिटी का है। शहर के नागरिक अस्पताल में एक महिला ने बच्चे को दिया।
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बच्चे की कमजोर हालत के चलते डॉक्टरों ने उसका इलाज भी शुरू कर दिया था। इस बीच मौका पाकर महिला लापता हो गई। तलाश करने पर उसका कुछ भी पता नहीं चला। वहीं मंगलवार दोपहर को इलाज के दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने डॉक्टर की शिकायत पर महिला के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।

वहीं इस पूरे मामले में अस्पताल स्टाफ की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। डिलीवरी से पहले महिला का एडमिट कार्ड तक नहीं बनाया गया। इस कारण उसके बारे में कुछ भी जानकारी नहीं मिल पा रही है।
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मिली जानकारी के अनुसार, नागरिक अस्पताल में कार्यरत एक डॉक्टर ने थाना बलदेव नगर पुलिस को एक महिला के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत में बताया गया कि 22 जून की रात 1.40 बजे गांव कुराली पीएचसी से रेफर होकर एक महिला अपनी सास के साथ आई थी। वह सात माह की गर्भवती थी। महिला ने रात 2.30 बजे बेटे को जन्म दिया।

सुबह 8.15 बजे जब स्टाफ नर्स महिला को खून चढ़ाने के लिए वार्ड में गई तो वह वहां नहीं थी, लेकिन बच्चा वहीं थी और उसकी हालत काफी खराब थी। नर्स ने तुरंत डॉक्टर को बुलाया और बच्चे का इलाज शुरू हुआ। मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे नवजात ने दम तोड़ दिया। डॉक्टर का कहना है कि नवजात की हालत ज्यादा खराब थी, अगर इसे पीजीआई रेफर करते तो वहां से नवजात को वापस यहीं भेज दिया जाता। महिला को अस्पताल में तलाशा गया, लेकिन वह नहीं मिली।
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घटना की पूरी जानकारी अस्पताल स्टाफ ने चाइल्ड हेल्पलाइन को दी, जिसके बाद टीम ने वहां पहुंचकर जानकारी जुटाई। टीम ने सीडब्ल्यूसी को सूचना दी कि अस्पताल में महिला का कोई कार्ड ही नहीं बना था। इस बारे में डॉक्टर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

अगर मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से किसी भी तरह की लापरवाही पाई जाती है तो वह सीएमओ को लेटर लिखेंगे और जांच की जाएगी कि क्या महिला का कार्ड बना था या नहीं।
- गुरदेव सिंह मंडेर, सीडब्ल्यूसी मेंबर

अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों का कार्ड बनता है। इस बारे में जानकारी जुटाने के बाद ही कुछ कह सकूंगी।
- पूनम जैन, पीएमओ, अंबाला।
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