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धमकाने का मामला, चंडीगढ़ नगर कमिश्नर बोले- इस बार बर्दाश्त कर लिया, आगे नहीं करूंगा

Sat, 01 Dec 2018 11:43 AM IST
न्यूज डेस्क, न्यूज डेस्क, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ नगर निगम की हाउस मीटिंग
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चंडीगढ़ नगर निगम सदन की बैठक में वार्ड नंबर-12 की भाजपा पार्षद चंद्रावती शुक्ला के पति द्वारा निगम कमिश्नर केके यादव को फोन पर धमकी दिए जाने का मामला उठा। नगर निगम कमिश्नर ने सदन की बैठक में बिना नाम लिए कहा कि हमें 12 मिनट तक फोन पर धमकी दी जाती रही। वे निगम सदन के सदस्य नहीं हैं इसलिए उनका नाम लेना उचित नहीं समझता। इस बार बर्दाश्त कर लिया, लेकिन आगे नहीं करेंगे। उन्होंने मुझे फोन पर धमकी दी और कहा कि आपकी हमारे एरिया में ड्राइव चलाने की हिम्मत कैसे हुई।
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कमिश्नर ने सदन में कहा कि जिस दिन निगम अधिकारी पार्षद चंद्रावती शुक्ला के वार्ड में पड़ते सेक्टर-52 से लोगों द्वारा अवैध रूप से लगाई गईं पानी की मोटरें (टुल्लू पंप) हटाने गए थे तो उन्हें चंद्रावती ने फोन किया और फोन किसी और को पकड़ा दिया। उस व्यक्ति ने उनसे 10-12 मिनट ऐसे धमकी वाले लहजे में बात की कि जिसे में सदन में सुनवा नहीं सकता। कमिश्नर ने पार्षद के पति का नाम लिए बिना कहा कि उन्होंने मुझे फोन पर धमकियां भी दीं। इसी बहस के दौरान चंद्रावती के मुंह से निकल गया कि उन्होंने अपने पति को ही फोन दिया था। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि भविष्य मैं यदि उनसे ऐसे बात की गई तो वे कार्रवाई करेंगे।

गंदा पानी गिराने पर निगम ने दिया था नोटिस
चंद्रावती शुक्ला को पिछली निगम सदन की बैठक में कारपेट पर गंदा पानी फेंकने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद निगम ने इनके वार्ड में लोगों द्वारा अवैध रूप से लगाई गई पानी की मोटरें हटाने का अभियान शुरू किया था। निगम के एडिशनल कमिश्नर डॉ. सौरभ मिश्रा ने कहा कि उनके इलाके में लोगों ने अवैध रूप से पानी की मोटरें लगाई हैं। पानी की आपूर्ति बंद होने पर उस समय मोटरें चलती हैं जिसके कारण सीवर का पानी व पानी की पाइपों की मिट्टी उसमें मिल जाती है। यही गंदे पानी की आपूर्ति का मुख्य कारण है। इस पर चंद्रावती शुक्ला का कहना था कि टुल्लू पंप पूरे शहर में हैं। उनके वार्ड में ही टुल्लू पंप क्यों हटाए जा रहे हैं। लोग परेशान हो रहे हैं। गंदा पानी आने पर उन्होंने लोगों की आवाज उठाई तो परेशान किया जा रहा है। इस पर कमिश्नर ने कहा कि कहीं न कहीं से तो शुरुआत करनी ही पड़ेगी।
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बबला का नाम लिया तो सदन में हंगामा
बैठक में चंद्रावती शुक्ला ने कहा कि मुझे ही पानी गिराने का नोटिस क्यों दिया। पानी तो पार्षद बबला ने भी गिराया था। इतना कहते ही बबला और अन्य कांग्रेस पार्षद अपने सीट से उठ गए और दोनों पक्षों में हंगामा शुरू हो गया। इस हंगामा को रोकने के लिए मेयर देवेश मोदगिल को हथौड़ा चलाना पड़ा। बबला अपना विरोध दर्ज करवाने लगे। बबला ने कहा कि गंदे पानी की बोतल तो चंद्रावती शुक्ला सदन में लेकर आई थीं। उनको कारण बताओ नोटिस जारी हो गया तो अब वे उससे बचने के लिए उनपर ठीकरा फोड़ रही हैं। वहीं, दूसरी ओर चंद्रावती शुक्ला के पति पप्पू शुक्ला भी दर्शकदीर्घा में बैठकर सदन की कार्यवाही देखते रहे।
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