फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंदगी हटा बना दिया गार्डन, खूबसूरती ऐसी कि अब लोग घूमने आते हैं

Mon, 20 Mar 2017 09:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
मेरा गार्डन, मेरी पहचान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पति फोर्स में थे। जब तीन साल बाद उनकी पोस्टिंग होती थी तो नया सरकारी क्वार्टर मिलता था। घर के बाहर और अंदर की डेकोरेशन के लिए फूलों की लैंडस्केपिंग करती थीं। इससे घर के बाहर और अंदर सुंदर और साज सज्जा रहती थी।
विज्ञापन


अमर उजाला से बातचीत के दौरान रविवार को सेक्टर-39 की रहने वाली हरिंदर सिद्धू ने यह बात कही। उन्होंने बताया कि जव वह सेक्टर-39 में रहने आईं तो यहां पर घर किनारे होने के कारण गंदगी बनी रहती थी। कई बार इसकी शिकायत नगर निगम और प्रशासन से की, लेकिन यहां पर सफाई नहीं हुई। इसके बाद मैंने यहां पर गार्डन की सजावट करने का फैसला लिया।

उन्होंने बताया कि मेरे पति रिटायर्ड मेजर जेएस सिद्धू ने भी मेरा साथ दिया। इसके बाद यहां पर गार्डन को डेवलप किया गया। इस गार्डन में डॉग फ्लावर, बर्फ, फाइकस, एलोवेरा गिलोय, पपीता, बरवीना, गुड़हल, गुलाब सहित कई किस्म केपौधे लगाए। इनके गार्डन में घूमने के लिए सुबह सेक्टर के लोग आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

दीमक से बचाव के लिए बांटे है 500 पौधे

मेरा गार्डन, मेरी पहचान - फोटो : अमर उजाला
दीमक से बचाव के लिए बांटे है 500 पौधे
हरिंदर सिद्धू ने बताया कि घर के गार्डन में दीमक नहीं लगे इसके लिए वह दीमक से बचाव वाले एंटी टरमाइस के 500 से ज्यादा पौधे बांट चुकीं हैं। वह यह पौधे पंजाब स्थित गांव से लेकर आई थी। उन्होंने बताया कि वह इसे कई लोगों को बांट चुकी हैं।

इससे दीमक एक जगह इकट्ठा हो जाते है और गार्डन लोगों के सही तरीके से इकट्ठा हो जाते हैं। इसमें जर्वरा, बरबीना, बर्फ, गुलदाउदी, गेंदा, गुड़हल के फूलों को देखने के  लिए लोग आते हैं। वहीं, घर के अंदर पाम, मनीप्लांट और रातरानी के पौधे भी लगा रखे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे घर से गिलोय के पौधे की पत्ती लेने के लिए लोग आते है। गार्डन में सुबह एक घंटे घूमते है और पौधों को खुद पानी देते हैं।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें