चंडीगढ़ के सेक्टर-23, 24, 37, 19, 41, 25, 22, 38, 38 वेस्ट, 45, मनीमाजरा, इंडस्ट्रियल एरिया फेज 2 में सर्वे करने वाली टीम को पालकी, घोड़ी, टेंट और बैंड वालों का सामान रखा मिला। अब निगम इन्हें चिन्हित जगह देगा और उसके बदले में शुल्क वसूल करेगा।
कोरोना काल में लोग टैक्स और बिल माफ करने की बात कर रहे हैं, दूसरी ओर नगर निगम पालकी, घोड़ी, टेंट और बैंड वालों से वेंडरों की तर्ज पर जगह देकर शुल्क लेने की तैयारी में है। निगम ने सर्वे कर 12 मार्केट चिह्नित की है। इसके बाद अन्य जगहों को देखा जाएगा।
विज्ञापन
पालकी, घोड़ी, टेंट और बैंड वालों के सामान के कारण कुछ क्षेत्रों में लोगों को समस्या हो रही थी। यह बात लोगों ने निगम को बताई। लोगों का कहना है कि इससे गाड़ी खड़ी करने और अन्य कार्यों में समस्या आ रही है। इसके बाद नगर निगम ने पालकी, घोड़ी, टेंट और बैंड वालों का चालान काटकर सामान जब्त करना शुरू कर दिया। बता दें कि पालकी, घोड़ी, टेंट और बैंड वालों ने जहां सामान रखा है, वह सरकारी जगह है और इस तरह सामान रखना अतिक्रमण है।
अब कुछ एसोसिएशनों ने निगम के सामने प्रस्तुतीकरण देकर जगह सुनिश्चित करने को कहा। इसे देखकर अधिकारियों की एक कमेटी बनाई गई। इसका वेंडर सेल और अतिक्रमण हटाओ दस्ते से सर्वे किया, जिसमें शहर की 12 मार्केट में पालकी, घोड़ी, टेंट और बैंड वालों का सामान रखा मिला। अब नगर निगम की खाली पड़ी जगह पर इन लोगों को जगह देकर वेंडरों की तरह शुल्क लेने की योजना है।
विज्ञापन
मार्केट प्रधान और वरिष्ठ लोगों से मांगे सुझाव
नगर निगम ने सर्वे में शामिल मार्केटों के प्रधान और वहां के वरिष्ठ लोगों को 15 जून को निगम में बैठक के लिए बुलाया है। इन लोगों से सुझाव लेने के बाद निगम एक एजेंडा तैयार करेगा और सदन की बैठक में लाएगा। वहां से जो फैसला होगा, उस पर अमल किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सहूलियत के हिसाब से ही काम किया जा रहा है, ताकि पालकी, घोड़ी, टेंट और बैंड वालों के साथ क्षेत्रीय लोगों को समस्या न हो।