नगर निगम ने मौलीजागरां में मंदिरों को तोड़ने का नोटिस भेजा है। स्थानीय लोग इसके विरोध में आ गए हैं। वहीं भाजपा नेता ने भी निगम के इस फैसला पर विरोध जताया है।
चंडीगढ़ नगर निगम की तरफ से मंदिरों को तोड़ने का नोटिस भेजा गया है। नोटिस मिलने के बाद से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया है। इस फैसला का लोग विरोध जता रहे हैं। लोगों का कहना है कि मंदिरों से उनकी आस्था जुड़ी है। निगम ने मौलीजागरां के मंदिरों को तोड़ने का नोटिस दिया है।
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नोटिस के बाद लोगों ने स्थानीय भाजपा नेता को साथ लेकर विरोध जताया। भाजपा प्रदेश सचिव शशि शंकर तिवारी ने कहा की मौलीजागरां वार्ड-7 के मौली कांप्लेक्स और विकासनगर के मंदिरों को नगर निगम ने तोड़ने के लिए दोबारा नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि सात दिन के अंदर इन मंदिरों को हटा दिया जाएगा।
शशि शंकर तिवारी का कहना कि लोग अपनी आस्था के अनुसार धार्मिक स्थान बनाकर उसमें पूजा-पाठ कर रहें हैं। इससे किसी प्रकार का कोई प्रशासनिक या ट्रैफिक बाधा नहीं है। तिवारी ने कहा कि वैसे भी यहां के युवा नशों के दलदल में फंसते जा रहे हैं। ऐसे में इन धार्मिक स्थानों पर जाकर ही प्रभु का नाम लेते हैं। मौलीजागरां में लाखों की आबादी है। यहां पर प्रशासन की ओर से धार्मिक स्थान भी अलॉट नहीं किया गया है। प्रशासन ने कार्रवाई की तो भाजपा इसका डटकर विरोध करेगी। दूसरी तरफ तिवारी ने कांग्रेस सांसद एवं आम आदमी पार्टी के मेयर से कहा कि धार्मिक स्थान के मुद्दे पर ये दोनों नेता कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।