अधिकतर वेंडर हर महीने नहीं जमा कर रहे लाइसेंस फीस
नगर निगम में 10,920 वेंडर पंजीकृत हैं, लेकिन इनमें से करीब साढ़े तीन हजार वेंडर की ही हर माह लाइसेंस फीस जमा करवा रहे हैं, जबकि शहर में इससे चार गुना वेंडर काम कर रहे हैं। अन्य वेंडर नगर निगम को अपनी लाइसेंस फीस जमा नहीं करवा रहे हैं। नगर निगम को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। शहर में स्ट्रीट वेंडर एक्ट लागू है। बाकी बचे वेंडर बिना लाइसेंस फीस के शहर में कारोबार कर रहे हैं।
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नगर निगम ने सेक्टर-1 से 6 और सेक्टर-17 को नो वेंडिंग जोन घोषित किया हुआ है। बावजूद यहां पर वेंडर बैठ रहे हैं। इस बारे में व्यापारी कई बार नगर निगम के समक्ष मुद्दा उठा चुके हैं। राक गार्डन और सुखना लेक के बाहर भी वेंडर को बैठने की मंजूरी नहीं है। बावजूद यहां पर वेंडर होते हैं।
जुलाई में 2410 वेंडरों का लाइसेंस रद्द करने का हुआ है फैसला
जुलाई माह में हुई टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में काफी समय से फीस नहीं देने वाले करीब 2410 वेंडरों का लाइसेंस रद्द करने का फैसला हुआ था। इन वेंडरों ने अप्रैल 2018 में रजिस्ट्रेशन के बाद से ही फीस जमा नहीं कराई। निगम ने अखबारों में नोटिस भी निकाला था और फीस जमा कराने का समय दिया था लेकिन इन्होंने फीस जमा नहीं कराई। बता दें कि पूरे शहर में 46 वेंडिंग जोन साइट हैं, लेकिन यहां पर भी सुविधाओं का अभाव है। वेंडर्स को धूप और बारिश से बचने की कोई सुविधा नहीं दी गई है, जिसको लेकर भी वेंडर्स में काफी नाराजगी है। इस वजह से ही कई वेंडिंग साइट खाली पड़े हैं।