चंडीगढ़ निगम चुनाव में जीत से उत्साहित आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शहर में विजय मार्च निकाला।
- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस मुक्त भारत की बात बेशक भाजपा करती हो, लेकिन भाजपा के इस अभियान को सफल आम आदमी पार्टी बना रही है। आप ने पहले दिल्ली में कांग्रेस को सत्ता से बाहर किया और अब चंडीगढ़ में तीसरे नंबर पर लाकर खड़ा कर दिया है। नगर निगम में वर्ष 1996 से सत्ता और विपक्ष की भूमिका निभाने वाली कांग्रेस आज दौड़ से ही बाहर होती नजर आ रही है। ऐसे में धीरे-धीरे एक-एक राज्य में कांग्रेस का पिछड़ना समर्थकों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है।
चंडीगढ़ निगम चुनाव में कांग्रेस ने बेशक चार से बढ़कर आठ सीटों पर कब्जा जमाया है, लेकिन आप ने उसका पूरा खेल बिगाड़ दिया है। सीट बढ़ने के बाद भी कांग्रेस ने निगम में विपक्ष का भी दर्जा खो दिया। जबकि, निगम चुनाव आम आदमी पार्टी ने पहली बार लड़ा और 14 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। इस चुनाव में 12 सीटों के साथ भाजपा दूसरे नंबर पर रही, जबकि कांग्रेस 8 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर लुढ़क गई।
यह है नगर निगम सदन की स्थिति....
आम आदमी पाटी 14
भाजपा 12
कांग्रेस 08
शिअद 01
वोट प्रतिशत अव्वल, फिर भी पिछड़े
नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को सबसे अधिक मत मिले हैं, लेकिन सीटों की संख्या कम रही। खास बात यह है कि आम आदमी को तीनों दलों से कम वोट मिले, लेकिन सीटें अधिक हैं। भाजपा को कांग्रेस से कम और आम आदमी पार्टी से अधिक वोट मिले, लेकिन सीटें आप से कम और कांग्रेस से अधिक हैं।
यह है वोट प्रतिशत
कांग्रेस को 20.79 प्रतिशत
भाजपा को 29.30 प्रतिशत
आप को 27.08 प्रतिशत
आजाद को 7.10 प्रतिशत
अन्य को 6.26 प्रतिशत मतदान हुआ।