पूर्व केंद्रीय मंत्री और चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी ने कहा है कि इंडिया गठबंधन को 2029 से पहले दोबारा सक्रिय करना जरूरी है, क्योंकि इससे पहले कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होंगे, जहां सहयोगी दल आमने-सामने हो सकते हैं।
मनीष तिवारी ने हाल ही में सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के साथ कई देशों का दौरा किया है। उन्होंने कहा कि इस दौरे का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि दुनिया को पाकिस्तान की सच्चाई पता चली। कई देशों में यह बात स्पष्ट हुई कि जो मुल्क आतंकवाद को एक सरकारी नीति की तरह इस्तेमाल करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। सुझाव दिया कि इस तरह के प्रतिनिधिमंडल को एक नियमित प्रक्रिया बनाया जाना चाहिए ताकि भारत की कूटनीतिक ताकत और मजबूत हो सके। तिवारी ने कहा कि जो विवाद हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा नहीं होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से यह आखिरी हमला नहीं है, क्योंकि 1971 का जख्म अभी भी उनके जेहन में ताजा है। प्रधानमंत्री से मुलाकात पर उन्होंने बताया कि अफ्रीका, मिडल ईस्ट में जहां वह गए थे, वहां पर गाजा को लेकर काफी ज्यादा संवेदनशीलता थी। वहां कहा गया कि भारत को गाजा और फिलिस्तीनियों के प्रति और मजबूती से अपनी बात रखनी चाहिए। कहा कि दुनिया में इतना उथल-पुथल दूसरे महायुद्ध के बाद शायद पहली बार देखा जा रहा है।
अहमदाबाद विमान हादसे पर टिप्पणी करते हुए तिवारी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सारा दोष पायलट पर मढ़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि एयरक्राफ्ट निर्माता कंपनियों की यह पुरानी रणनीति है कि खुद को बचाने के लिए दूसरों पर आरोप थोप दिए जाएं। उन्होंने हादसे की गंभीरता से जांच कराने की मांग की और कहा कि संबंधित पायलट काफी अनुभवी थे और उनसे इस तरह की गलती की उम्मीद नहीं की जा सकती।