सांसद किरण खेर ने दावा किया है कि वर्णिका को इंसाफ दिलाने केलिए जो बन पाया, वह किया। बजाए मामले को दबाने के, केंद्रीय गृह मंत्री ने खुद मामले में हस्तक्षेप किया और गवर्नर वीपी सिंह बदनौर को फोन कर उचित कार्रवाई के लिए कहा। सांसद किरण खेर ने यह बात वीरवार को संसद में भी बताई।
सांसद ने कहा कि महिलाओं के हितों का हनन करने वालोें को कतई बख्शा नहीं जाएगा। चाहे फिर वह शख्स किसी भी पार्टी से क्यों न जुड़ा हो। हरियाणा के सीनियर आईएएस की बेटी से छेड़छाड़ मामले में सांसद किरण खेर ने विपक्षियों के सवालों का डटकर जवाब दिया। उन्होंने बताया कि राजनाथ सिंह खुद इस मामले की पल-पल रिपोर्ट गवर्नर व चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से ले रहे थे। ताकि एक बेटी को इंसाफ मिल सके।
संकीर्ण सोच को बदलने की जरूरत
किरण खेर ने कहा एक ओर हम प्रोग्रेसिव इंडिया की बात करते हैं, लेकिन लड़कियों और महिलाओं को रात में घर से बाहर न निकलने की संकीर्ण सोच इसमें रुकावट पैदा कर रही है। जो लोग इस प्रकार की सोच रखते हैं, उन्हें अपनी संकीर्ण सोच को बदलना चाहिए। रात के समय लड़कियों का घर से बाहर निकलना गलत नहीं। बल्कि उन लड़कों को लगाम कसने की जरूरत है जो रात में घर से बाहर निकल कर इस प्रकार की हरकत करते हैं।
दबाव से इंकार, पुलिस की तारीफ
किरण खेर ने संसद में चंडीगढ़ पुलिस के भी तारीफ की। खेर ने कहा लड़की की एक कॉल पर चंडीगढ़ पुलिस फौरन हरकत में आई और चंद मिनटों में घटना स्थल पर पहुंचकर पुलिस ने आरोपियों को काबू किया। खेर ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि पुलिस व प्रशासन पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं था। गिरफ्तारी में हुई देरी का मतलब यह नहीं कि पुलिस अपना काम नहीं कर रही थी। हर पहलुओं को जांच परख कर आरोपियों पर कार्रवाई की गई है।