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चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार परिषद की बैठक, गरीबों को मुफ्त में कोरोना टीका लगाने की सलाह  

Thu, 11 Feb 2021 04:48 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ में यूटी प्रशासक सलाहकार परिषद की बैठक में मौजूद गवर्नर वीपी सिंह बदनौर। - फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ में करीब डेढ़ साल बाद सेक्टर-10 स्थित माउंटव्यू होटल में यूटी प्रशासक के सलाहकार परिषद की बैठक हुई। बैठक में इस परिषद की 10 उप-समितियों ने अपने सुझाव दिए। इनमें मांग की गई है कि शहर के गरीब परिवारों को मुफ्त में कोरोना का टीका लगना चाहिए। चंडीगढ़ में ऑटो की काफी संख्या है, इसलिए पंचकूला-मोहाली से एक भी ऑटो को प्रवेश न दिया जाए। 
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शिक्षा
सलाहकार परिषद की शिक्षा उप-समिति के चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल केजी सिंह (रिटायर्ड) हैं। उप-समिति ने सुझाव दिया है कि चंडीगढ़ में करीब 75 गैर मान्यता प्राप्त स्कूल हैं। इन स्कूलों का दौरा किया और पाया कि इनमें से करीब 20 स्कूलों के पास अच्छा बुनियादी ढांचा मौजूद है। हालांकि, इनके पास स्वीकृत भवन योजना, जमीन आवंटन पत्र आदि जैसे दस्तावेज नहीं हैं।


सुझाव दिया कि मार्च में एक सर्वे किया जाए, जिसमें नगर निगम, शिक्षा विभाग, एस्टेट ऑफिस, इंजीनियरिंग व आर्किटेक्ट विभाग के सदस्य मौजूद रहें। जिन स्कूलों में अच्छा बुनियादी ढांचा हो, उन्हें स्कूल चलाने की मंजूरी दी जानी चाहिए। यह भी सुझाव दिया है कि जब सभी बच्चे स्कूल आने लग जाएं, तब एक सर्वे किया जाना चाहिए कि कोरोना वायरस की वजह से उन पर क्या असर पड़ा है। इसके अलावा मदरसों में भी कल्याणकारी योजनाएं शुरू की जानी चाहिए। 
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शहरी संरचना और योजना
इस उप-समिति के चेयरमैन केडीडीएल लिमिटेड के चेयरमैन आरके साबु हैं। उप-समिति ने औद्योगिक क्षेत्र-एक और दो में मौजूद संपत्तियों के लिए लीज होल्ड से फ्री होल्ड कराने की मंजूरी देने, एफएआर बढ़ाने और कलेक्टर रेट कम करने के सुझाव दिए हैं। कॉलोनियों में क्लीनिक खोलने और आवासीय प्लाट को जोड़ने का भी सुझाव दिया है।

सांसद किरण खेर ने शहर के आवासीय इलाकों में नर्सिंग होम शुरू करने की मंजूरी देने के लिए प्रशासक को लिखा है। उपसमिति ने कहा है कि आवासीय इलाकों में नर्सिंग होम को मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए। अगर चंडीगढ़ प्रशासन स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाना चाहता है तो व्यावसायिक इलाकों में इसे खोलने की इजाजत दे देनी चाहिए। उपसमिति ने सुझाव दिया है कि चंडीगढ़ प्रशासन निजी अस्पतालों को औद्योगिक क्षेत्र में खोलने की मंजूरी दे सकता है।
 

पर्यावरण
इस उप-समिति के चेयरमैन पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल हैं। सुझाव दिया कि शहर के सामुदायिक केंद्रों में होने वाली शादियों में बजने वाले डीजे की आवाज को सीमित किया जाना चाहिए, ताकि आसपास रहने वाले लोग प्रभावित न हों। पड़ोसी राज्यों से आने वाली पुरानी बसों पर भी लगाम लगनी चाहिए। इसके अलावा नगर निगम को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार करनी चाहिए और लोगों को इसके बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र के कार्य करने की क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। कहा गया कि पॉलिथीन पर लगाए गए प्रतिबंध का शहर में ठीक से पालन नहीं हो रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से उस पर भी सख्ती की जानी चाहिए।

स्वास्थ्य 
इस उप-समिति के चेयरमैन पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन हैं। शहर की डिस्पेंसरियों के समय को बढ़ाना, प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को कंप्यूटराइज्ड करना, सभी अस्पतालों में बायोमीट्रिक उपस्थिति को फिर से शुरू करना, अस्पतालों में दिए जाने वाले भोजन को आउटसोर्स पर ही जारी रखने का सुझाव दिया गया। उप-समिति के सामने शहर की डिस्पेंसरियों को पीपीपी मोड पर आउटसोर्स से चलाने का भी प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन उप-समिति के सदस्यों ने इस पर सहमति जताते हुए खारिज कर दिया। इसके अलावा शहर में हुक्का बार पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने का भी सुझाव दिया गया है। सदस्यों ने यह भी कहा है कि शहर में बहुत से परिवार गरीबी रेखा से नीचे हैं। ऐसे में इन लोगों को मुफ्त में कोरोना का टीका लगाने की व्यवस्था की जानी चाहिए, समिति ने चंडीगढ़ प्रशासन से इस बारे में कोई प्रस्ताव बनाने की मांग की है।

कला, संस्कृति, पर्यटन व धरोहर संरक्षण
इस उप-समिति के चेयरमैन डॉ. बीएन गोस्वामी हैं। उप समिति ने सुझाव दिया है कि सेक्टर-10 स्थित म्यूजियम आर्ट गैलरी में एक नियमित निदेशक की नियुक्ति की जानी चाहिए। इसके अलावा म्यूजियम सलाहकार समिति को फिर से शुरू किया जाना चाहिए। समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि चंडीगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मनीमाजरा किले को सांस्कृतिक हब के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। कलाग्राम परिसर का सदुपयोग किया जाना चाहिए। उप-समिति ने यह भी कहा है कि कलाग्राम के ओपन एयर थिएटर को कवर्ड ऑडिटोरियम में तब्दील कर देना चाहिए। शहर में लगातार हो रही हेरिटेज फर्नीचरों की चोरी पर भी चिंता जताई है। इस पर एक नीति बनाने का सुझाव दिया गया है। 

कानून व्यवस्था
इस उप-समिति के चेयरमैन आईएएस सर्वेश कौशल (सेवानिवृत्त) हैं। उपसमिति ने सुझाव दिया कि वेंडर्स, हॉकर व घर-घर सामान पहुंचाने का काम करने वालों की पुलिस जांच के बाद एक आई-कार्ड बनाना चाहिए। शहर में पीजी के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाने चाहिए। इसके अलावा पुलिसिंग व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की भी मदद ली जानी चाहिए।

खेल
इस उप समिति के चेयरमैन भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन हैं। उन्होंने कहा कि शहर में खेल नीति नहीं है। यह नीति दो महीने में तैयार की जानी चाहिए। सेक्टर-16 के क्रिकेट स्टेडियम में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड को भी बदलने की मांग की गई है। खिलाड़ियों के भोजन, खेल विभाग के मोबाइल एप समेत विभिन्न कार्यों की प्रशासक को जानकारी दी गई। बताया कि खेल परिसर के बाहर चंडीगढ़ के नामी खिलाड़ियों की तस्वीरें भी लगाई जाएंगी। संजय टंडन ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार नहीं दे रहा है, जबकि उसी टूर्नामेंट के लिए पंजाब और हरियाणा सरकारें नकद पुरस्कार जारी कर चुकी हैं। 
 
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परिवहन
इस उप समिति की चेयरमैन शहर की सांसद किरण खेर हैं। सुझाव दिए गए हैं कि चंडीगढ़ की सड़कों पर पहले से ही काफी संख्या में ऑटो रिक्शा चल रहे हैं। ऐसे में पंजाब और हरियाणा से आने वाले ऑटो रिक्शा पर रोक लगाया जाए। लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन को और सुविधाजनक बनाया जाना चाहिए। सेक्टर-26 के ट्रांसपोर्ट एरिया में बने इमारतों की हालत काफी खराब हो गई है, उन्हें भी ठीक किया जाना चाहिए। चंडीगढ़ में मेट्रो संभव नहीं है, इसलिए मोनो रेल पर कार्य शुरू किया जाना चाहिए। उप-समिति ने कहा है कि चंडीगढ़ के ट्रैफिक सिग्नल को एक दूसरे से जोड़ा जाए, ताकि लोगों का समय खराब न हो।

यातायात प्रबंधन
इस उप-समिति के चेयरमैन मेयर रविकांत शर्मा हैं। सुझाव दिया है कि शहर में साइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। लोगों को भी इस बारे में जागरूक करना चाहिए। उप-समिति ने कहा कि बहुत से घरों में पीछे से दरवाजे बनाए गए हैं, उस पर कार्रवाई की जानी चाहिए। सड़कों पर खड़ी होने वाली गाड़ियों की व्यवस्था को ठीक करने के लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की मदद की जानी चाहिए। शहर में ऑटोरिक्शा के लिए नियमित पार्किंग स्थल बनाया जाना चाहिए। महीने में कम से कम एक दिन कार मुक्त दिवस मनाना चाहिए।

समाज कल्याण 
इस उप-समिति के चेयरमैन पूर्व सांसद सत्यपाल जैन हैं। सुझाव दिया गया है कि वृद्धा, विधवा और दिव्यांगों को दिए जाने वाले पेंशन की राशि को बढ़ाना चाहिए। मजदूरों के लिए एक मजदूर भवन की स्थापना की जानी चाहिए, जहां पर वह अपने कार्यक्रमों का आयोजन कर सकें। समाज कल्याण विभाग की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा प्रचार किया जाए, ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके। उप-समिति ने भीख मांगते बच्चों को लेकर भी चिंता जताई और इसे रोकने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं।
 
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