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मिसाल : कोरोना काल में सामुदायिक केंद्रों में नहीं हुए आयोजन, निगम ने 400 लोगों के पूरे पैसे लौटाए 

Mon, 05 Apr 2021 10:55 AM IST
निवेदिता वर्मा नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • निगम ने 14 लाख जीएसटी के साथ 49.5 लाख रुपये का भुगतान किया
  • अभी निगम ने अपने खाते से दिया जीएसटी का पैसा, अब जीएसटी का पैसा वापस करने के लिए केंद्र को पत्र लिखेगा निगम
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चंडीगढ़ नगर निगम ने लोगों के पैसे लौटाए। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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चंडीगढ़ नगर निगम ने देश में नजीर पेश की है। कोरोना महामारी के कारण जो लोग अपने आयोजन सामुदायिक केंद्रों में नहीं कर सके हैं, उन्हें निगम ने जीएसटी के साथ पूरी राशि वापस की है। निगम ने बिना शुल्क काटे 400 लोगों को 49.5 लाख रुपये राशि का भुगतान किया है। इसमें 18 प्रतिशत जीएसटी के हिसाब से 14 लाख रुपये भी वापस किया गया है। निगम के इस कदम से लोग बेहद खुश हैं। 

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निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि पिछले साल कोरोना के कारण लॉकडाउन लग गया था। मई 2020 में हुई ऑनलाइन सदन की बैठक में पार्षदों ने कहा कि जिन लोगों ने सामुदायिक केंद्र, जंज घर या धर्मशाला बुक कराया था और आयोजन नहीं करा पाए हैं, उनका रुपया वापस हो।


इस दौरान सवाल उठा कि शुल्क तो निगम दे देगा, लेकिन 18 प्रतिशत जीएसटी का रुपया सीधे केंद्र के पास जाता है। निगम ने तय किया कि यह फंड वापस करने के लिए केंद्र को पत्र लिखेगा। फिलहाल यह रकम निगम अपने पास से लौटाएगा। इस एजेंडे को प्रशासन की सहमति भी मिल गई थी। निगम के पास ऐसे 400 लागों ने आवेदन किया था, जिनका रुपया निगम ने लौटा दिया है।

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सख्ती बढ़ते ही फिर बुकिंग रद्द करा रहे लोग

अप्रैल माह से शुरू हो रहे वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए लोगों ने जनवरी से ही बुकिंग करा दी थी। फरवरी में शहर के ज्यादातर सामुदायिक केंद्र बुक हो गए थे, लेकिन कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के कारण प्रशासन ने फिर से सख्ती बढ़ा दी है। 16 से 31 मार्च तक 14 लोगों ने सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग रद्द करा दी है। लगातार केस बढ़े और प्रशासन ने सख्ती की तो यह संख्या और बढ़ सकती है।

सामुदायिक केंद्रों का किराया न बढ़ाने के लिए सदन में होगी चर्चा
नगर निगम सामुदायिक केंद्रों के किराए में हर साल 10 प्रतिशत किराया बढ़ाता है। इस बार कोरोना महामारी के कारण इस किराए को न बढ़ाने के लिए सदन में चर्चा होगी। मेयर रविकांत शर्मा ने कहा कि निगम लोगों को ज्यादा से ज्यादा रियायत देना चाहता है।

निगम के पास इस समय ए, बी व सी श्रेणी के सामुदायिक केंद्र हैं। निगम 13 हजार रुपये एसी सामुदायिक केंद्रों के और 6 हजार रुपये बिना एसी वाले सामुदायिक केंद्रों का किराया लेता है। निगम के पास पांच एसी सामुदायिक केंद्र हैं। वहीं कुछ सामुदायिक केंद्रों का निर्माण चल रहा है और कुछ का मरम्मत का कार्य चल रहा है।

हमारा प्रयास है कि लोगों पर किसी भी प्रकार का बोझ न पड़े। कोरोना महामारी के कारण लोग वैसे ही परेशान हैं। सामुदायिक केंद्रों का किराया बढ़ाना ठीक फैसला नहीं होगा। इस पर सदन की बैठक में चर्चा करेंगे। -रविकांत शर्मा, मेयर

सदन की बैठक के अनुसार लोगों को उनकी जमा कराई गई पूंजी वापस कर दी गई है। सदन के कहने पर जीएसटी भी लोगों को दे दी गई है। जीएसटी का पैसा वापस करने के लिए केंद्र को पत्र लिखा जाएगा। -केके यादव, निगम आयुक्त
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