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मेयर चुनावः भाजपा ने राजबाला को उतारा तो चढ़ा चंद्रावती का पारा, गुरबख्श कांग्रेस की उम्मीदवार

Tue, 07 Jan 2020 12:59 AM IST
खुशबू गोयल नीरज कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक चित्र
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भाजपा ने सोमवार को राजबाला मलिक को मेयर पद का प्रत्याशी घोषित कर दिया लेकिन मेयर पद के प्रत्याशी की घोषणा के साथ ही भाजपा में बगावत हो गई। भाजपा पार्षद चंद्रवती शुक्ला ने कांग्रेस से समर्थन मांगकर मेयर पद के लिए नामांकन पत्र तैयार करा लिया, हालांकि नामांकन पत्र जमा कराने से पहले ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें जैसे-तैसे मनाकर नामांकन पत्र भरने से रोक लिया। 

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इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद भाजपा की मेयर पद की प्रत्याशी राजबाला मलिक के साथ भाजपा के रविकांत शर्मा ने सीनियर डिप्टी मेयर और जगतार सिंह जग्गा ने डिप्टी मेयर पद के प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन पत्र एडीशनल कमिश्नर अनिल गर्ग के पास जमा करा दिया।

बता दें कि कई दिनों से मेयर समेत अन्य दोनों पदों के लिए भाजपा प्रत्याशियों के नाम को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म था। प्रदेश प्रभारी प्रभात झा के चंडीगढ़ आने के बाद से राजबाला मलिक और हीरा नेगी के नाम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। सोमवार को भी सुबह से ही ड्रामा शुरू हो गया था। 

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दोपहर दो बजे सभी पार्षदों की एक बैठक बुलाई गई। इसमें प्रदेश संगठन मंत्री दिनेश कुमार, प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन, सांसद किरन खेर भी मौजूद रहे। संगठन मंत्री ने पार्षदों से कहा कि सबसे ज्यादा बहुमत राजबाला मलिक के पास है इसलिए अन्य दावेदारों को इसे स्वीकार करना चाहिए। हीरा नेगी और सुनीता धवन को भी काफी समझाने के बाद आखिरकार राजबाला मलिक के नाम को लेकर सहमति बन गई। 

चूंकि बगावत का डर हमेशा ही भाजपा को डराता रहा है, इसलिए दोपहर तीन बजे फिर से मेयर ऑफिस में सभी के साथ बैठक हुई। राजबाला के नाम की अधिकारिक घोषणा के बाद बधाईयों का दौर शुरू हुआ। वहीं राजबाला मलिक, रविकांत शर्मा और जगतार सिंह जग्गा नामांकन करने एडीशनल कमिश्नर के पास पहुंचे। 

इधर, इन तीनों प्रत्याशियों का नामांकन चल ही रहा था कि सूचना मिली कि भाजपा पार्षद चंद्रवती शुक्ला ने कांग्रेस से समर्थन मांगा है और मेयर के लिए नामांकन पत्र भरने जा रहीं हैं। सूचना मिलते ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन पार्षदों के साथ चंद्रवती शुक्ला को मनाने पहुंचे। मनाने का काम इतनी देर तक चला कि शाम के पांच बज गए और नामांकन करने का समय निकल गया। उसके बाद चंद्रवती शुक्ला ने भी पार्टी के फैसले को स्वीकार कर लिया।

प्रदेश अध्यक्ष ने दिया आश्वासन, अब पार्टी के साथ- चंद्रवती शुक्ला
पूरे हंगामे के बाद चंद्रवती शुक्ला ने कहा कि जब पार्टी प्रत्याशी की घोषणा हुई तब थोड़ी नाराजगी थी। इतने सालों तक पार्टी के लिए काम करने के बावजूद मौका आने पर नजरअंदाज करने से मायूसी होती ही है, लेकिन सांसद और प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि फिलहाल यह पार्टी हाईकमान का निर्देश था। आश्वासन दिया कि आगे भी पार्टी में आगे जिम्मेदारियों मिलनी हैं, जहां मौका दिया जाएगा। फिलहाल मैं पार्टी के साथ हूं। अपने क्षेत्र में और बेहतर काम करके दिखाएंगे।

अब क्रॉस वोटिंग हुई तो कौन होगा जिम्मेदार?
प्रत्याशियों के नामांकन के बाद अब भाजपा के सामने क्रॉस वोटिंग रोकने की भी चुनौती होगी। चंद्रवती शुक्ला के बगावत के बाद अब क्रॉस वोटिंग हुई तो जिम्मेदार किसे ठहराया जाएगा क्योंकि मेयर पद की दावेदार हीरा नेगी और सुनीता धवन को पिलहाल मौका नहीं दिया गया है। हालांकि दोनों ही दावेदारों ने पार्टी के निर्णय को स्वीकार किया है और पार्टी के साथ खड़े रहने की बात कही है।

भाजपा ने मेयर पद केलिए भरे चार आवेदन, दावेदारों से कराया प्रस्तावित
भाजपा ने आवेदन पत्र में कोई गड़बड़ी न हो इसलिए मेयर पद पर चार आवेदन, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए तीन-तीन आवेदन भरवाए हैं। मेयर पद के लिए अरुण सूद, शक्ति प्रकाश देवशाली, हीरा नेगी, सुनीता धवन, देवेश मोदगिल, गुरप्रीत सिंह, राजेश गुप्ता, भरत कुमार से नाम प्रस्तावित करवाए गए। वहीं सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए अरुण सूद, राजेश कुमार, दलीप शर्मा, भरत यार्मा, जगतार सिंह, गुरप्रीत सिंह ने नाम प्रस्तावित किए हैं। 

कांग्रेस ने भी घोषित किया मेयर उम्मीदवार

चंडीगढ़ में मेयर चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। नामांकन भरे जा चुके हैं और 10 जनवरी को मतदान होना है। कांग्रेस ने अपनी तीनों महिला पार्षदों में से उम्मीदवार बनाया है। मेयर पद के लिए गुरबख्श रावत को मैदान में उतारा है। वहीं सीनियर डिप्टी मेयर के लिए शीला देवी और डिप्टी मेयर के लिए रविंदर कौर गुजराल उम्मीदवार होंगी। बता दें कि इस बार मेयर पद महिला के लिए आरक्षित है। कांग्रेस के पांच पार्षदों में तीन महिलाएं हैं। दो पुरुषों में देवेंद्र सिंह बबला और सतीश कैंथ शामिल हैं।

ये हैं प्रत्याशी...
मेयर उम्मीदवार गुरबख्श रावत
गुरबख्श रावत लगातार दूसरी बार नगर निगम का चुनाव जीती हैं। आईटी प्रोफेशनल हैं। राजनीति में 15 वर्षों से सक्रिय हैं। मास्टर इन कंप्यूटर एजुकेशन की है। नगर निगम में डिप्टी मेयर भी रह चुकी हैं। नगर निगम की कई कमेटियों की चेयरपर्सन भी रही हैं।

सीनियर डिप्टी मेयर उम्मीदवार शीला देवी
शीला देवी लगातार तीन बार नगर निगम का चुनाव जीती हैं। शिक्षा अंडर मैट्रिक है। तीन बार डिप्टी मेयर रह चुकी हैं। कांग्रेस की उपाध्यक्ष रही हैं। नगर निगम की कई कमेटियों की चेयरपर्सन रह चुकी हैं।

डिप्टी मेयर उम्मीदवार रविंदर कौर गुजराल
रविंदर कौर गुजराल ने लिटरेचर में एमए की है। पेशे से आर्किटेक्ट हैं। हाउस वाइफ हैं। नगर निगम की महिला सशक्तीकरण कमेटी की चेयरपर्सन भी रह चुकी हैं। सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेती हैं।

हाथापाई की नौबत, कांग्रेसी बोले- भाजपा ने चंद्रवती को किया अगवा

 भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन जैसे-तैसे चंद्रवती शुक्ला और उनके पति पप्पू शुक्ला को मनाकर निगम कार्यालय की पांचवीं मंजिल पर मेयर ऑफिस में लेकर पहुंच गए। कई अन्य पार्षद भी मौके पर पहुंच गए और अंदर से दरवाजा बंद कर दिया गया। इतने में पूर्व महिला कांग्रेस की प्रधान सुनीता शर्मा के नेतृत्व में कई अन्य महिलाएं मेयर ऑफिस पहुंचीं और दरवाजा पीटने लगीं। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की काफी कोशिश की, लेकिन किसी ने एक न सुनी। दरवाजा खुलते ही सब अंदर घुस गईं। महिलाएं चंद्रवती शुक्ला को बाहर ले जाने लगीं लेकिन भाजपा पार्षदों ने रोक दिया।

मामला इतना बढ़ा कि हाथापाई की नौबत आ गई। धक्कामुक्की के बाद पार्षद चंद्रवती शुक्ला को भाजपाई अंदर ले गए। उसके बाद कांग्रेस पार्टी की महिला कार्यकर्ता मेयर राजेश कालिया से भिड़ गईं। इसके बाद जैसे-तैसे मामला शांत कराया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि एक पार्षद को अपहरण कर अंदर बैठाया गया है। क्या भाजपा के लिए यही लोकतंत्र है। उधर, कोई भी पार्षद बगावत कर आवेदन पत्र न जमा कर पाए, इसलिए एडीशनल कमिश्नर के कमरे में सांसद किरण खेर नामांकन भरने के अंतिम समय तक बैठी रहीं।  

चंद्रवती शुक्ला की आंखों में आए आंसू, बोलीं-
प्रत्याशी न बनाए जाने पर चंद्रवती शुक्ला की आंखों से आंसू छलक आए। जैसे ही प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन पहुंचे तो उन्होंने कहा कि, बहुत हो गया नाटक। कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने के लिए यूपी-बिहार के लोग मेहनत करें। उसके बाद टिकट बांटने की बात आए तो हमें नजर अंदाज किया जाता है। कोई बता दे कि हम किस पार्षद से कम हैं या कहां हमारे काम में कमी रही है। जब ऐसे ही टिकट मिलना है तो फिर हमें ऐसे फैसले लेने होंगे। भाजपा पार्षद सुनीता धवन ने चंद्रवती शुक्ला के आंसू पोंछे। उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष उन्हें लेकर मेयर आफिस चले गए।

कांग्रेस को था मौके का इंतजार
नगर निगम में वर्तमान में कुल 26 पार्षद हैं। एक सांसद का वोट का है। इसमें से 20 भाजपा के और एक अकाली दल का पार्षद है। वहीं कांग्रेस के पांच पार्षद हैं। मेयर पद पर बहुमत साबित करने के लिए प्रत्याशी को 14 वोट हासिल करने होते हैं। वर्तमान में भाजपा के पास अकाली दल और सांसद का वोट मिलाकर कुल 22 वोट हैं। ऐसे में भाजपा प्रचंड बहुमत से अपने प्रत्याशी को जिता सकती है। वहीं कांग्रेस के मात्र पांच पार्षद हैं। ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशियों को इंतजार था कोई भाजपा पार्षद बगावत करे और उसे समर्थन दिया जाए। चंद्रवती शुक्ला के रूप में कांग्रेस को मौका तो मिला, लेकिन हाथ से निकल गया। 

चंद्रवती शुक्ला को लेने पहुंचे टंडन, कैंथ ने रोका तो बोले-आप भी चलो

मेयर चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों की घोषणा के बाद चंद्रवती शुक्ला ने बगावत कर दी और तत्काल कांग्रेस पार्षदों को फोन कर मौके पर बुला लिया। कांग्रेस पार्षद सतीश कैंथ ने तत्काल चंद्रवती शुक्ला का मेयर पद के लिए आवेदन पत्र भरना शुरू कर दिया। इतने में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन निगम कमिश्नर ऑफिस के बाहर पहुंचे और चंद्रवती शुक्ला को साथ लेकर अपने जाने लगे। कैंथ ने रोकने की कोशिश की तो प्रदेश अध्यक्ष बोले, तुम भी चलो हमारे साथ। इस पर कैंथ बोले, हमारे यहां जगह ज्यादा है, आप ही आ जाएं।

एक ओर सांसद किरण खेर, भाजपा संगठन मंत्री दिनेश कुमार, प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन और पूर्व सांसद सतपाल जैन भाजपा प्रत्याशियों का एडीशनल कमिश्नर अनिल गर्ग के यहां नामांकन पत्र जमा करवा रहे थे। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के समर्थन से चंद्रवती शुक्ला का आवेदन पत्र तैयार किया जा रहा था। कांग्रेस पार्षद सतीश कैंथ, शीला देवी ने प्रपोज्ड करते हुए आवेदन पत्र पर अपने हस्ताक्षर भी कर दिए, इतने में प्रदेश अध्यक्ष पार्षदों के साथ मौके पर आ गए। भाजपा पार्षद सुनीता धवन भी मौके पर पहुंचकर चंद्रवती शुक्ला को समझाने लगीं।

तभी प्रदेश अध्यक्ष ने कैंथ से कहा कि आप गलत कर रहे हैं। उसके बाद वह चंद्रवती शुक्ला और उनके पति पप्पू शुक्ला को साथ लेकर जाने लगे। कैंथ ने रोका तो कहा कि आप अकेले हैं, हमारे साथ चलिए। कैंथ ने जवाब देते हुए कहा कि आपके यहां संख्या ज्यादा है, हमारे यहां काफी जगह है, आप ही आ जाइए। इस पर टंडन बोले, कांग्रेसी झेल नहीं पाएंगे हमें, देख लो... हंसी मजाक में एक दूसरे को पार्टी में आने के लिए आमंत्रण आने लगे।
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भाजपा ने शिअद को दिया झटका

भाजपा ने मेयर चुनाव में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) को जोरदार झटका दिया है। इस बार शिअद की एक नहीं सुनी गई। पिछले वर्ष चुनाव में शिअद को सीनियर डिप्टी मेयर का पद दिया गया था। शिअद अध्यक्ष हरदीप सिंह बुटेरला भाजपा के सहयोग से सीनियर डिप्टी मेयर चुने गए थे। इस नगर निगम में शिअद के एक ही पार्षद हरदीप सिंह बुटेरला हैं।

शिअद इसलिए सीनियर डिप्टी मेयर का पद मांग रही थी कि भाजपा और शिअद दोनों ने मिलकर चुनाव लड़ा था। गठबंधन के नाते पद की मांग की थी। हरदीप सिंह ने सीनियर डिप्टी मेयर बनने के लिए काफी जोर लगाया, लेकिन उनकी एक नहीं चली। अपने पाटी अध्यक्ष सुखबीर बादल को मिलकर ज्ञापन भी सौंपा। सब बेकार गया। हरदीप सिंह ने कहा कि पार्टी का अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने हाईकमान को सूचना दे दी है।
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