भाजपा के रविकांत शर्मा चंडीगढ़ के नए मेयर बन गए हैं। उन्हें 27 में से 17 वोट मिले। कांग्रेस से मेयर पद के उम्मीदवार देवेंद्र सिंह बबला को 5 वोट मिले।
मेयर पद के लिए वोटिंग खत्म हुई। 27 में से कुल 24 वोट पड़े हैं। सांसद किरण खेर और भाजपा पार्षद हीरा नेगी अस्वस्थ होने के कारण वोट नहीं डाल सकीं। हरदीप सिंह ने चुनाव का बहिष्कार किया। अब वोट की गिनती की तैयारी शुरू हो गई है।
वार्ड नम्बर 25 से जगतार सिंह जग्गा ने अपना वोट डाला और वार्ड 26 से विनोद अग्रवाल ने मतदान किया।
वार्ड 21 से गुरप्रीत ढिल्लों, वार्ड 22 से देवेश मोदगिल, वार्ड 23 से भरत कुमार और वार्ड नम्बर 24 से अनिल दुबे ने डाला वोट
वार्ड 18 से कांग्रेस के मेयर पद के उम्मीदवार देवेंद्र सिंह बबला ने वोट डाला। वार्ड 20 से पार्षद शक्ति प्रकाश देवशाली ने डाला वोट।
वार्ड 15 से कवर जीत राणा ने डाला वोट। वार्ड नम्बर 14 से चंद्रवती शुक्ला ने डाला वोट। वार्ड 17 से आशा जसवाल ने डाला वोट
वार्ड 11 से कांग्रेस पार्षद व डिप्टी मेयर पद के उम्मीदवार सतीश कैंथ ने डाला वोट। वार्ड नम्बर 13 से भाजपा हीरा नेगी हॉस्पिटल से आकर वोट डालेंगी।
वार्ड 10 से अकाली दल के पार्षद हरदीप सिंह ने वोट डालने से किया इंकार। वार्ड 9 से कांग्रेस पार्षद गुरुबख्श रावत ने डाला वोट।
वार्ड नम्बर 6 से फर्मिला ने डाला वोट। फर्मिला भाजपा से डिप्टी मेयर पद की उम्मीदवार भी हैं। वार्ड 8 से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व पार्षद अरुण सूद ने डाला वोट।
वार्ड 3 से रविकांत शर्मा और वार्ड 4 से सुनीता धवन ने डाला वोट। वार्ड नम्बर 5 से कांग्रेस पार्षद शीला देवी ने डाला वोट
भाजपा के सीनियर डिप्टी मेयर पद के उम्मीदवार महेश इंदर सिंह ने वार्ड 1 से वोट डाला। वार्ड 2 से वर्तमान मेयर राजबला मलिक ने डाला वोट।
सेक्रेटरी अनिल गर्ग ने अपील की कि जिसके पास मोबाइल हैं, वह अलग रख दें। सभी भाजपा पार्षदों ने मोबाइल इकठ्ठा करके चुनाव अधिकारी के सामने रखे।
सेक्रेटरी बोले, चुनाव प्रक्रिया समझाने दीजिए। इस पर कांग्रेस पार्षदों ने हंगामा शुरू किया।
चुनाव अधिकारी बोले, सर्व सहमति से मेयर चुना जाए। जिससे कि जल्द कार्यवाही खत्म हो सके
अकाली पार्षद हरदीप सिंह ने कहा कि कार्यवाही से पहले किसान आंदोलन में मृतक किसानों के लिए 2 मिनट का मौन हो। भाजपा पार्षद बोले, यह चुनाव की कार्यवाही है, सदन की बैठक में होता है। सदन की बैठक में यह किया जा सकता है।
डीसी मंदीप सिंह बराड़ सदन में पहुंचे। वंदेमातरम के साथ सदन की कार्यवाही शुरू हुई। चुनाव अधिकारी अजय दत्ता ने भाषण शुरू किया।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान अधिकारी भी ग्लब्स पहने रहेंगे। गिनती के दौरान वोटर की पर्ची देखकर पूरी तरह से हाथ सैनिटाइज किए जाएंगे। इसके अलावा बैलेट पेपर के पास सैनिटाइजर रखा जाएगा। प्रत्येक पार्षद वोट डालने से पहले सैनिटाइजर का प्रयोग करने के बाद ही वोट डालेगा। इस पूरी प्रक्रिया में ध्यान रखा जाएगा किसी प्रकार की कोई चूक न हो।
भाजपा पार्षदों की चेकिंग न होने से कांग्रेस पार्षद व पदाधिकारी नाराज। सदन में भी कांग्रेस का बवाल शुरू
भाजपा पार्षद हीरा नेगी कोरोना संक्रमित हैं। वह भी वोट डालने आएंगी। चुनाव अधिकारी अजय दत्ता ने बताया कि कोई पार्षद कोरोना संक्रमित होता है और वोट डालना चाहता है उसके लिए अलग से बॉक्स बाहर ले जाया जाएगा। जिसमें वह अपना वोट डाल देगा।
मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर चुनाव के लिए पहली बार पार्षदों की स्कैनिंग की व्यवस्था होगी। जिन लोगों का तापमान ज्यादा मिला, उनसे बाहर ही वोट डलवाकर वापस भेज दिया जाएगा। इसके लिए पीपीई किट में कर्मचारी तैनात किया गया है।
मेयर चुनाव में अकाली पार्षद हरदीप सिंह काले कपड़े पहनकर पंहुचे और चुनाव का बहिष्कार किया।
भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम, संगठन मंत्री दिनेश कुमार और प्रदेश अध्यक्ष भाजपा प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुभाष चावला निगम पहुंच गए हैं। वरिष्ठ भाजपा नेता संजय टंडन भी निगम पहुंचे।
मोबाइल ले जाने को लेकर कांग्रेस उम्मीदवार देवेंदर सिंह बबला, प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा और चावला ने बवाल शुरू किया। डीसी को फोन लगाकर नाराजगी कांग्रेस पार्षदों ने नाराजगी जताई।
चंडीगढ़ मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के लिए शुक्रवार सुबह साढ़े 10 बजे से ही हलचल शुरू हो गई। चुनाव अधिकारी अजय दत्ता ने डीसी मंदीप सिंह बराड़ और सेक्रेटरी अनिल गर्ग के साथ व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं पार्षदों की स्क्रीनिंग करके उन्हें अंदर भेजा गया।
भाजपा की ओर से मेयर पद के लिए रविकांत शर्मा, सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए महेश इंदर सिंह और डिप्टी मेयर पद के लिए फर्मिला उम्मीदवार हैं। वहीं कांग्रेस की तरफ से मेयर पद के लिए देवेंद्र सिंह बबला, सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए रविंदर कौर गुजराल और डिप्टी मेयर पद के लिए सतीश कैंथ उम्मीदवार हैं। कांग्रेस को वोटिंग से पहले भाजपा में बगावत की उम्मीद है। वहीं भाजपा के सामने क्रोस वोट रोकने की चुनौती है।
पिछले साल हुआ था बवाल, बबला ने उठाया था सवाल
पिछले साल मेयर चुनाव के दौरान मोबाइल साथ में रखने को लेकर कांग्रेस और भाजपा पार्षदों में बहस हो गई। कांग्रेस पार्षद दल के नेता देवेंद्र बबला ने कहा कि अगर किसी पार्षद के पास मोबाइल मिलता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। जिस पर सांसद किरण खेर ने कहा कि कांग्रेस के लोग मोबाइल का मामला उठाकर भाजपा के वोट अपनी ओर खींचना चाहते हैं, जबकि वह अपने पार्षदों की संख्या बढ़ाए तो अच्छा है। इस बार कांग्रेस ने पहले ही सेक्रेटरी को पत्र लिखकर इन चीजों को अंदर लाने के लिए मना कर दिया है।