मेयर चुनाव से पहले अब दोनों पार्टियों के नेता चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। कांग्रेस और भाजपा के नेता मनोनीत पार्षदों के घर जा रहे हैं।
प्रत्याशियों के नामांकन के वक्त गैरहाजिर रहे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी अब चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। शनिवार को उन्होंने मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर तीनों के लिए वोट मांगे।
बता दें कि शुक्रवार को वह प्रत्याशियों के नामांकन पर नहीं आए थे। बड़े नेता की गैरहाजिरी से पार्टी की एकजुटता पर कई तरह के सवाल उठने लगे। ये भी कहा जा रहा था कि उनकी पसंद के उम्मीदवार को टिकट न देने से वह नाराज थे।
प्रदेश अध्यक्ष टंडन का कहना है कि उन्होंने कभी आशा जसवाल के लिए लॉबिंग नहीं की। उनके लिए दोनों ही बराबर हैं। हीरा नेगी को मेयर उम्मीदवार चुनना पार्टी हाईकमान का फैसला था।
मेयर पद के दोनों उम्मीदवारों का प्रोफाइल
हीरा नेगी(भाजपा)- ताकत
1. लोगों से मेलजोल बनाए रखती हैं। मिलनसार है।
2. मधुरभाषी हैं और व्यवहार अच्छा है
3. समाजसेवा में लंबे समय से सक्रिय रही हैं
4. पार्टी की बहुत पुरानी कार्यकर्ता हैं। बूथ लेवल से राजनीति शुरू की
कमजोरी
1. कांग्रेस उम्मीदवार के मुकाबले कम पढ़ी-लिखी हैं
2. पहली बार पार्षद पद का चुनाव लड़ा था, अनुभव की कमी
3. सीनियर डिप्टी मेयर रहते हुए अधिकारियों पर दबाव नहीं बना सकीं
पूनम शर्मा(कांग्रेस)- ताकत
1. पढ़ी-लिखी हैं। लॉ ग्रेजुएट और पेशे से वकील हैं
2. कांग्रेस के कई अहम पदों पर भी हैं
3. फैसले लेने में दबंग मानी जाती हैं
कमजोरी
1. हाउस में उपस्थित कुछ खास नहीं रही। कभी कोई बड़ा मुद्दा नहीं उठाया
2. विपक्ष में दबदबा भी नहीं है
3. एक बार पार्षद पद का चुनाव हार चुकी हैं
4. इस साल वार्ड फंड में कम ही खर्च कर सकीं