मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के लिए इस बार उम्मीदवारों को ज्यादा प्रयास नहीं करना पड़ रहा है। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि भाजपा जीत के काफी नजदीक है। जीतने केलिए 19 वोट चाहिए और भाजपा के खुद के 20 पार्षद हैं, जबकि एक अकाली पार्षद है।
इसके साथ ही 9 मनोनीत पार्षदों का भी भाजपा उम्मीदवारों को समर्थन है, जबकि कांग्रेस की ओर से सेंधमारी का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस के सिर्फ 4 पार्षद हैं। कांग्रेस की ओर से 4 से ज्यादा अपनी संख्या बढ़ाने के लिए जोर लगाया जा रहा है, लेकिन वह भी सिर्फ फोन पर भी अन्य पार्षदों से बात कर रहे हैं। 12 जनवरी को सदन में ही मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए मतदान होगा।