फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़ के लिए मेयर आशा जसवाल ने देखें हैं 5 सपने, पूरा करने में सहयोग कीजिए

Thu, 09 Mar 2017 10:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
संवाद कार्यक्रम में बोलीं मेयर आशा जसवाल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
चंडीगढ़ को ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मेयर आशा जसवाल ने पांच बड़े सपने देखे हैं, जिन्हें पूरा करने में आप सभी लोगों का भी सहयोग जरूरी है। मेयर आशा जसवाल ने कहा कि अगर डाग लवर स्ट्रीट डाग्स को गोद लेने की आदत डाल लें तो शहर को इस समस्या से निजात मिल जाएगी।
विज्ञापन


उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान को जन आंदोलन बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि शहरवासी टैक्स लगाने के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने स्ट्रीट लाइटों को लेकर अमर उजाला के अभियान की सराहना की। मेयर जसवाल बुधवार को अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में शामिल हुईं।

उन्होंने अपने बाकी बचे कार्यकाल की पांच प्राथमिकताओं को सांझा किया। मेयर ने कहा कि नगर निगम आवारा कुत्तों को गोद लेने के लिए जल्द ही जागरूकता अभियान चलाएगा। जो लोग आवारा कुत्तों को गोद लेते हैं उनका सम्मानित भी किया जाएगा।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन को जन आंदोलन बनाने के लिए वह जन आंदोलन का रूप देने जा रही है। इसके लिए घर घर जाकर पम्पलेट भी बांटे जाएंगे।

मेयर ने यह बताई प्राथमिकताएं
. शहरवासियों को 24 घंटे पानी की सप्लाई मिले। इसके लिए नगर निगम ने प्रयास शुरू कर दिए हैं ।
. शिकायत दर्ज न होने से पहले नगर निगम खुद ही उसे दूर कर दे ऐसा सिस्टम लागू होना चाहिए।
  इस समय शहर का डंपिंग ग्राउंड लोगों के लिए सिरदर्दी बना हुआ है। वह चाहती हैं कि उनके कार्यकाल में ही डंपिंग ग्राउंड की दिक्कत दूर हो जाए। डंपिंग ग्राउंड को डड्डूमाजरा से शिफ्ट करवाना उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है।
. ट्रैफिक की दिक्कत को दूर करने के लिए समाधान यह है कि सड़क पर कम से कम वाहन चलें। लोगों को कार पुल करने की आदत पैदा करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए।
. स्वास्थ्य के लिए शहर के सभी कम्यूनिटी सेंटरों में जिम चलने चाहिए और इसके प्रयास किए जा रहे हैं। ओपन एयर जिम भी सभी पार्कों में खुलने चाहिए।

 

पहले सुविधाएं, फिर टैक्स

संवाद कार्यक्रम में बोलीं मेयर आशा जसवाल - फोटो : अमर उजाला
मेयर ने कहा कि विकास के लिए पैसे की जरूरत है।  अगर शहर में टैक्स लगेंगे तो इससे पहले शहरवासियों को सुविधाएं भी मिलेंगी। उनका दावा है कि शहरवासी नोमिनल टैक्स लगाने के खिलाफ नहीं है। कम बजट मिलने के सवाल पर मेयर ने कहा कि पैसे की कमी नहीं आने दी जाएगी। केंद्र में भाजपा की सरकार है और यूटी गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है।

वह खुद केंद्र में जाकर कम पड़ रहे बजट को शहर के लिए लाएंगी। पूरे शहर की पार्किंग को स्मार्ट बनाया जा रहा है इसके लिए स्मार्ट बनाने के बाद बढ़े हुए पार्किंग रेट चार्ज किए जाएंगे। मल्टीलेवल पार्किंग से भी उस समय मुनाफा होना शुरू हो जाएगा क्योंकि मल्टीलेवल पार्किंग के रेट नहीं बढ़ाए गए हैं।

वास्तुकार विभाग से नहीं मिलती है मंजूरी
जसवाल ने बताया कि वास्तुकार विभाग कई बार विकास के कामों में अड़चन डाल देता है। कम्यूनिटी सेंटरो को मैरिज पैलेस में बदलने की जरूरत है। लेकिन वास्तुकार विभाग इनकी मंजूरी में देरी कर देता है। कई बार कई विकास के कामों के लिए मंजूरी नहीं मिलती है। लेकिन प्रशासन और नगर निगम के बीच बेहतर तालमेल बन सके इसके प्रयास किए जा रहे हैं।

संवाद के दौरान शहर की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को लेकर अमर उजाला द्वारा चलाए जा रहे अभियान की मेयर ने प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि इस अभियान का फायदा मिल रहा है कि अधिकारी लाइटों को ठीक करवा रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि अमर उजाला को जनता से जुड़ी समस्याओं को लेकर आगे भी अभियान चलाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रशासन और नगर निगम के बीच लाइटों का झगड़ा खत्म हो जाएगा क्योंकि पूरे शहर में एलईडी लाइट्स लगाई जाएंगी। मालूम हो कि इस समय 60 हजार में से 15 हजार स्ट्रीट लाइट्स प्रशासन के पास हैं जिस कारण लोगों को शिकायत दर्ज करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि दिवाली तक सभी एलईडी लाइटें चलनी शुरू हो जाएंगी।

भाग्यशाली है जो मामला दर्ज हुआ

संवाद कार्यक्रम में बोलीं मेयर आशा जसवाल - फोटो : अमर उजाला
मेयर ने कहा कि स्नेहालय में घुसने का मामला दर्ज होने के मामलें में वह अपने आप को भाग्यशाली मानती हैं। उन्होंने कहा कि स्नेहालय में जो खामियां थीं अब वह दूर होनी शुरू हो गई हैं। मामला दर्ज होने के बाद ही सेशन जज ने स्नेहालय में जाकर चेकिंग की।

उन्होंने बताया कि उसके बाद ही अब बच्चों को वहां पर पूजा करवानी शुरू की गई है। इससे उनको अच्छे संस्कार मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग से उन्होंने स्नेहालय में कुछ रिकार्ड मांगा था जिस कारण उनको दिक्कत हो गई थी। उन्होंने कहा कि अफसरशाही भाजपा के नहीं बल्कि कांग्रेस के कार्यकाल में हावी थी।

अंग्रेजी के मोह में हिंदी छूट रही पीछे: मेयर
मेयर आशा जसवाल ने कहा कि बच्चे अंग्रेजी के कुछ शब्द बोलते हैं तो पैरेंट्स खुश होते हैं। इसी मोह में हिंदी कहीं पीछे छूटती जा रही है। अंग्रेजी के साथ हिंदी पर भी ध्यान देना बेहद जरूरी है। सभी को अपनी मानसिकता बदलनी होगी। हिंदी की आत्मीयता परिवार को जोड़ती है। वह ज्वाइंट परिवार में विश्वास रखती है। दादी-नानी हर समस्या का समाधान निकाल लेती हैं। वे परिवार को संगठित करती ही हैं साथ में मूल्यों की शिक्षा भी देती हैं।
विज्ञापन

सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने पर जोर

संवाद कार्यक्रम में बोलीं मेयर आशा जसवाल - फोटो : अमर उजाला
मेयर ने सरकारी स्कूलों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में निजी स्कूलों से ज्यादा योग्य शिक्षक हैं। उसके बाद भी हर कोई अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में ही पढ़ाना चाहता है।

केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुधारने पर काम कर रही है। आने वाले दिनों में सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर और बेहतर होगा। फंड कम आवंटित किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो स्कूल या कॉलेज आवंटित फंड नहीं खर्च पाते उनको आगे फंड कम दिया जाता है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर हो अमल
स्टेट और नेशनल हाईवे से शराब के ठेके हटाने की सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन ठीक है। हाईवे पर आसानी से शराब उपलब्ध हो जाने के कारण ड्राइव इसका सेवन कर ड्राइविंग करते हैं। जिस कारण घटनाएं ज्यादा होती हैं। लेकिन चंडीगढ़ में जो हाईवे हैं वह शहर के भीतर हैं। ऐसे में इस पर प्रशासन सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन को ध्यान में रखकर ही फैसला लेगा। प्रशासन के अधिकारी इस पर स्टडी कर रहे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें