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इंसानों का जीवन ज्यादा कीमती है या फिर स्ट्रे डॉग्स का: हाईकोर्ट

Thu, 09 Mar 2017 09:35 AM IST
विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : File Photo
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मानव जीवन कीमती है और इसे बचाना जरूरी है। स्ट्रे डॉग्स को न हटाना मानव जीवन से ज्यादा महत्व डॉग्स को देने जैसा है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की यह टिप्पणी सुखना लेक को बचाने के लिए स्वत: संज्ञान याचिका पर सुनवाई के दौरान आई। जस्टिस एके मित्तल पर आधारित खंडपीठ ने कहा कि यदि लेक पर पालतू कुत्तों को लेकर जाना प्रतिबंधित है तो ऐसे में स्ट्रे डॉग्स को वैध कैसे मान सकते हैं।
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मामले की सुनवाई आरंभ होते ही हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन से स्ट्रे डॉग्स पर जवाब मांगा। म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन की ओर से मजबूरी बताते हुए कहा गया कि 2001 के नियमों के अनुसार स्ट्रे डॉग्स को जहां से उठाया जाता है, वहीं उन्हें छोड़ना जरूरी है। वहीं सुप्रीम कोर्ट के 2015 में जारी अंतरिम आदेशों की भी जानकारी दी गई, जिसके अनुसार देश का कोई भी हाईकोर्ट स्ट्रे डॉग्स को लेकर आदेश जारी नहीं कर सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि लेक आम नागरिकों के लिए है और नागरिकों की सुरक्षा के लिए लेक पर पालतू डॉग्स को भी ले जाने की अनुमति नहीं है।

वहीं दूसरी ओर स्ट्रे डॉग्स को न हटाना लोगों की सुरक्षा और उनके जीवन को खतरे में डालने जैसा है। हाईकोर्ट ने एमिकस क्यूरी से उनका पक्ष रखने को कहा। एडवोकेट तनु बेदी ने कहा कि स्ट्रे डॉग्स को लेकर जिन आदेशों और नियमों की बात की जा रही है वह डॉग बर्थ को लेकर है। इन आदेशों में स्ट्रे डॉग्स कंट्रोल को लेकर कुछ भी नहीं है। हाईकोर्ट ने 2001 में बनाए गए रूल्स और 2015 के सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को रिकार्ड पर ले लिया। हाईकोर्ट ने बढ़ती आवारा कुत्तों की संख्या पर चिंता जताते हुए एमिकस क्यूरी को आदेश दिए कि वे अगली सुनवाई पर बताएं कि क्या हाईकोर्ट किसी प्रकार इस मामले में आदेश जारी कर सकता है।
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प्रशासन और एमसी का जवाब

Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo
प्रशासन और एमसी का जवाब
एमसी की ओर से बताया गया कि पूरी लेक पर डस्टबिन लगा दिए गए हैं और साफ सफाई की व्यवस्था भी है। इसके साथ ही प्रशासन की ओर से बताया गया कि लेक पर लाइटें लगाने का काम जोरों पर चल रहा है। 1200 मीटर क्षेत्र में इसे पूरा किया जा चुका है और बाकी भी जल्द ही पूरा हो जाएगा। हाईकोर्ट ने एमसी और प्रशासन को आदेश दिए कि जल्द से जल्द यह काम पूरा किया जाए।

वीड निकालने का काम जारी, रोज 2-3 ट्रॉली निकल रही है वीड
सुखना लेक से वीड यानी की जलीय वनस्पति को निकाले जाने के मामले में चंडीगढ़ प्रशासन ने हाईकोर्ट को बताया कि गत वर्ष मई माह से लगातार सुखना लेक से जलीय वनस्पति को निकाले जाने का काम जारी है। इस काम के लिए 8 से 10 पेशेवर कामगारों को लगाया गया है। प्रतिदिन 2-3 ट्राली भर कर जलीय वनस्पति को निकाल रहे हैं। साथ ही यह भी बताया गया है कि प्रशासन जरूरत के अनुसार और कामगारों को इस काम में लगा सकता है। लेक से गाद निकालने पर प्रशासन ने कहा कि प्रतिदिन लेक में ट्यूबवेल्स के जरिये पानी डाला जा रहा है। ऐसे में लेक का जलस्तर बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने के कारण अब गाद निकालने के काम में काफी मुश्किलें आ रही हैं। 
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