मेयर आशा जसवाल ने बुधवार को राजभवन पहुंचकर पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को अपने खिलाफ दर्ज ट्रेसपासिंग मामले की पूरी जानकारी दी।
इससे पहले प्रशासक ने अधिकारियों को बुलाकर मामले की जानकारी ली। एडवाइजर परिमल राय, गृह सचिव अनुराग अग्रवाल, डीसी अजीत बालाजी जोशी सहित अन्य अधिकारी राजभवन पहुंचे। पता चला है कि मामले में अभी प्रशासक ने कोई फैसला नहीं लिया है।
हालांकि चंडीगढ़ कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (सीसीपीसीआर) ने प्रशासक को भेजी अपनी रिपोर्ट में मेयर को क्लीनचिट दे दी है। अफसरों के साथ मीटिंग में कमीशन की रिपोर्ट सार्वजनिक होने पर भी सवाल उठा। बताया जा रहा है कि यह रिपोर्ट राजभवन पहुंचने से पहले ही सार्वजनिक कर दी गई। सूत्रों के मुताबिक अधिकारी और भाजपा दोनों ही इस मामले को शांत करना चाहते हैं। मेयर को बचाने के रास्ते भी खोजे जा रहे हैं। भाजपा नेता जहां मामले में मेयर की कोई गलती नहीं बता रहे हैं, वहीं प्रशासन समाज कल्याण विभाग की निदेशक के कदम को सही समय पर लिया गया उपयुक्त फैसला बता रहे हैं। पॉक्सो और ट्रेसपासिंग केस की गंभीरता को देखते हुए अब हर कोई इससे बचने के तरीके खोज रहा है।
कमीशन की रिपोर्ट पर उठ रहे सवाल
सीसीपीसीआर की चेयरपर्सन प्रो. देवी सिरोही ने मामले की जो रिपोर्ट बनाकर प्रशासक को भेजी है उस पर भी तरह- तरह के सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष यह सवाल उठा रहा है कि कमीशन की चेयरपर्सन प्रो. देवी सिरोही ने अपने कार्यकाल समाप्त होने के एक दिन पहले जल्दबाजी में यह रिपोर्ट बनाकर भेजी।