लोकसभा की कार्यवाही देखने गए पार्षद और मेयर
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मेयर आशा जसवाल ने उद्घाटन और शिलान्यास समारोह पर लाखों रुपये की होने वाली फिजूलखर्ची पर रोक लगाने का फैसला लिया है। उन्हाेंने अधिकारियों से साधारण तरीके से समारोह करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि अब किसी भी समारोह के लिए निमंत्रण कार्ड नहीं छपवाएं जाएंगे। साथ ही जो लाखों रुपये टेंट पर खर्च होता है उसपर भी पाबंदी लगाई जाएगी। मालूम हो कि इससे पहले हर साल शिलान्यास और उद्घाटन समारोह पर लाखों रुपये खर्च होते थे। इसमे ज्यादा से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटाकर पार्षद वाहवाही लूटने का प्रयास करते थे। पिछले साल खूब उद्घाटन समारोह हुए हैं। जिन पर लाखों रुपये का खर्च हुआ है।
कई समारोह पर अधिकारियों, पार्षदों और लोगों को बांटने के लिए स्मृति चिह्न और शॉल भी बांटी जाती थीं। उन पर भी पाबंदी लगा दी गई है। साथ ही समारोह में कई तरह के पेयजल और लजीज व्यंजन, पकौड़े और मिठाई परोसी जाती थी। उस पर भी पाबंदी लगाने के लिए कहा गया है। ऐसे समारोह में सिर्फ एक फल और एक लस्सी बांटने के लिए कहा गया है। जिसकी शुरुआत रविवार को सेक्टर-40 के जॉगिंग ट्रैक के उद्घाटन समारोह से हो गई है।
इससे पहले एक समारोह पर डेढ़ से दो लाख रुपये का खर्च होता रहा है। जबकि बड़े समारोह में 5 लाख रुपये तक भी खर्च किए जाते थे। इस बार 23 मार्च को टैरेस गार्डन में काफी साधारण तरीके से शहीदी दिवस मनाया गया था। मालूम हो कि नगर निगम के पास बजट की भी काफी कमी है। इसलिए भी इस तरह की फिजूलखर्ची पर पाबंदी लगाने का निर्णय लिया गया है। मेयर आशा जसवाल का कहना है कि अब समारोह पर होने वाली खर्चे की सीमा तय होगी। फिजूलखर्ची पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई जाएगी।
जेटली ने मुंबई जाने की सलाह दी
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने चंडीगढ़ नगर निगम की मेयर और पार्षदों को पुनर्वास योजना के तहत जो काम मुंबई में हो रहा है उसे स्टडी करने के लिए कहा है। मेयर और पार्षद सोमवार को दिल्ली में लोकसभा की कार्यवाही देखने के लिए गए थे। इस दौरान सभी पार्षद जेटली के अलावा सांसद किरण खेर, रतनलाल कटारिया, पार्टी प्रभारी प्रभात झा से भी मिले। मेयर आशा जसवाल का कहना है कि राज्यसभा की कार्यवाही तो स्थगित हो गई थी, लेकिन लोकसभा की कार्यवाही पार्षदों ने देखी। सभी पार्षद बस में दिल्ली गए थे जो कि रात को वापस लौटे हैं।