चंडीगढ़ के मेयर अरुण सूद अपने टीम सदस्यों के साथ
- फोटो : File Photo
भाजपा पार्षद दल के नेता के तौर पर अरुण सूद ने पिछले साल शहर के बाजारों की पार्किंग में स्टाल लगाने की मंजूरी का समर्थन किया था, लेकिन अब मेयर बनने के बाद इस फेस्टिवल सीजन में वह पार्किंग में स्टाल लगवाने की मंजूरी देने के लिए तैयार नहीं है।
पिछले साल अक्तूबर माह में तत्कालीन मेयर पूनम शर्मा के सुझाव पर नगर निगम सदन ने पार्किंग में फड़ी वालों को दुकानें लगाने संबंधी प्रस्ताव पास किया था, लेकिन प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं हुआ था। वीरवार को मेयर अरुण सूद ने स्थिति का जायजा लेने के लिए सेक्टर-17 और 22 के बाजारों का दौरा किया था। मेयर का मानना है कि पार्किंग में स्टाल लगाने की मंजूरी नहीं दी जा सकती। उनका कहना है कि ऐसा होने से जाम और पार्किंग की दिक्कत बढ़ जाएगी। उनका कहना है कि यह प्रयास किया जा रहा है कि बाजार की क्षमता के अनुसार ही स्टाल अलॉट किए जाएं। फुटपाथ के किनारों पर स्टाल लगाने की मंजूरी दी जाएगी।
पिछले साल ये कहा था सूद ने
पिछले साल अक्तूबर माह में सदन की बैठक में भाजपा पार्षद दल के नेता के रूप में अरुण सूद ने पार्किंग में स्टाल लगाने की मंजूरी देने का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि सेक्टर-22,19 और 15 के बाजारों की पार्किंग में स्टाल क्यों नहीं लगाने दिए जा रहे हैं। पूरे साल में फेस्टिवल सीजन एक बार आता है। जब शहरवासियों को पार्किंग में स्टाल लगाने से कोई दिक्कत नहीं है तो फिर अधिकारियों को क्यों है। स्टाल की मंजूरी न देकर नगर निगम खुद भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है।