चंडीगढ़ में सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष कृष्ण कुमार चड्ढा और मेयर राजेश कालिया के बीच हुए विवाद में एक और मोड़ आ गया है। यूनियन अध्यक्ष के खिलाफ नगर निगम कमिश्नर केके यादव ने चार्जशीट दायर कर 15 दिनों के अंदर जवाब मांगा था। यूनियन अध्यक्ष ने अपना जवाब कमिश्नर को सौंपते हुए कहा है कि मेयर का बयान झूठ है। इस तरह का कोई विवाद हुआ ही नहीं। अब जल्द ही उस समय एमओएच का प्रभार देख रहे डॉ. एमएस कंबोज और एडीशनल कमिश्नर-2 एसके जैन के बयान दर्ज कराए जाएंगे।
अधिकारियों का मानना है कि यदि यूनियन अध्यक्ष का बयान झूठा निकला तो उनके खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई भी हो सकती है। 15 जुलाई को कमिश्नर ने सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष कृष्ण कुमार चड्ढा के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। साथ ही जबरन मीटिंग में घुसने और मेयर से अभद्रता करने के मामले में जवाब मांगा था। इस संबंध में सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष ने कमिश्नर को जवाब सौंपते हुए कहा कि उस दिन मुझे मिलने के लिए बुलाया गया था। इसलिए गया था।
न मैं जबरन मीटिंग में घुसा और न मेयर से कोई अभद्रता की। रही बात मेयर से विवाद की तो इस प्रकार का कोई प्रकरण ही नहीं है। यूनियन अध्यक्ष के जवाब के बाद अब जल्द डॉ. कंबोज और एसके जैन के बयान दर्ज होंगे। क्योंकि दोनों ही अधिकारी उस समय मीटिंग में मौजूद थे। सूत्रों की मानें तो यदि कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष के बयान झूठ निकले तो उन्हें सस्पेंड भी किया जा सकता है। वहीं मेयर पहले ही कमिश्नर को लिखित में अपनी शिकायत दे चुके हैं, इसलिए उनसे फिलहाल कोई पूछताछ नहीं होगी।