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चंडीगढ़ मास्टर प्लान 2031: बैकफुट पर आई इंडस्ट्री

Sun, 03 May 2015 01:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रशासन के मास्टर प्लान-2031 में चंडीगढ़ की इंडस्ट्री बैकफुट पर आ गई है। इंडस्ट्री की मुख्य आवश्यकताओं पर ध्यान न देकर मास्टर प्लान की कहानी ट्रैफिक और ब्यूटीफिकेशन पर केंद्रित होकर रह गई है।
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मास्टर प्लान में फ्लोर एरिया रेसियो को नहीं बढ़ाने की बात की गई है और न ही एमएसएमई एक्ट को लागू करने का जिक्र किया गया है। मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा था तो चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया के उद्यमियों ने फेज-1 और 2 की लीज होल्ड प्रापर्टी को फ्री होल्ड प्रापर्टी करने के लिए कहा था।

यही नहीं, कुछ एमएसएमई एक्ट के तहत मान्य गतिविधियों को इंडस्ट्रियल एरिया में करने की अनुमति देने की मांग भी की गई थी, लेकिन मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में ऐसा कुछ भी नहीं किया गया।
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मास्टर प्लान में इंडस्ट्रियल एरिया के लिए ट्रैफिक और ट्रांसपोर्ट, साइकिल ट्रैक और पैडस्ट्रियन ट्रैक, पार्किंग और टैक्सी लाट के साथ ही लैंडस्केपिंग की बात तो की गई, पर इंडस्ट्री को डेवलप करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर का जरा भी जिक्र नहीं किया गया।

चंडीगढ़ के उद्यमियों ने बाकी राज्यों की तरह चंडीगढ़ में दो एफएआर देने की मांग की थी, लेकिन इंडस्ट्रियल एरिया के प्लाट्स के लिए एफएआर को एक ही रखा गया है। उद्यमियों ने स्पष्ट किया था कि इंडस्ट्रियल एरिया लैंडलॉक है। इसलिए उसमें वर्टिकल डेवलपमेंट होना चाहिए, लेकिन इसे शामिल ही नहीं किया गया।

इसके साथ ही अन्य राज्यों की तरह यहां अस्थाई कवरेज को और आवश्यकता आधारित परिवर्तन को लागू करने की बात की गई थी। अस्थाई कवरेज सामान को धूप, बारिश और चोरी से बचाने की वजह से मांगी गई थी। इसमें स्पष्ट भी किया गया था कि यह पूर्ण रूप से अस्थाई होगी।

मास्टर प्लान में डेवलपमेंट की बात की गई है ,लेकिन न तो एफएआर को बढ़ाया गया और न ही वर्टिकल डेवलपमेंट की बात की गई। एमएसएमई एक्ट को लागू करने की बात भी नहीं की गई।
-चरंजीव सिंह, सीबीएम अध्यक्ष

हमने जो प्रस्ताव सौंपे थे, उनमें से किसी पर ध्यान नहीं दिया गया। ब्यूटीफिकेशन और अन्य बातों की बजाय यदि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट करने और नीतियों को फोकस किया जाता तो बेहतर होता।
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-अरुण महाजन, प्रेसिडेंट, इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ चंडीगढ़

एमएसएमई एक्ट लागू होना सबसे आवश्यक है। लीज होल्ड से फ्री होल्ड करने का मुद्दा भी हमारे लिए अहम है। यह कहीं नहीं दिखाई दिया।
- विनोद मित्तल, प्रेसिडेंट, चैंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्री
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