चंडीगढ़ में अब अगर किसी क्लब, डिस्कोथेक या रेस्टोरेंट ने हुक्का परोसा तो यूटी प्रशासन उसका लाइसेंस रद्द कर देगा। मंगलवार को यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने इस संबंध में ट्वीट कर जानकारी दी है। इससे पहले हुक्का मिलने पर क्लब को तीन दिन के लिए सील कर दिया जाता था।
यूटी प्रशासन ने 14 दिसंबर को एक आदेश जारी कर हुक्का पर तीन महीने के लिए प्रतिबंध लगाया था। ये आदेश डीसी मनदीप सिंह बराड़ की तरफ से जारी किए गए थे। आदेश के अनुसार, 11 फरवरी तक शहर के किसी भी बार, क्लब, डिस्कोथेक, रेस्टोरेंट आदि में हुक्का परोसने पर प्रतिबंध रहेगा। यदि ऐसा होता है तो संबंधित क्लब, बार मालिक को जेल भी जाना पड़ सकता है।
कुछ दिन बाद आदेश में संशोधन कर क्लब को तीन दिन के लिए सील करने का प्रावधान जोड़ दिया गया लेकिन फिर भी शहर के कई क्लब और रेस्टोरेंट गुपचुप तरीके से हुक्का परोस रहे थे। इसके खिलाफ पिछले दिनों प्रशासन ने कई क्लबों को सील भी किया है लेकिन बार-बार नियम तोड़ने पर प्रशासन ने सख्ती का मन बना लिया था।
अब मंगलवार को प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने ट्वीट कर इस बात की पुष्टि कर दी है कि अगर किसी ने हुक्का बेचा को उस क्लब-रेस्टोरेंट का लाइसेंस ही रद्द कर दिया जाएगा। दरअसल, विशेषज्ञ चेता चुके हैं कि कोरोना को बढ़ाने में हुक्का अहम भूमिका निभा सकता है।
दो महीने में 30 से ज्यादा क्लबों पर हो चुकी है कार्रवाई
शहर में बढ़ते कोरोना के मामले देखते हुए डीसी ने क्लबों में हुक्का परोसने पर रोक लगा रखी थी, ताकि कोविड-19 की बीमारी को फैलने से रोका जा सके। दो महीने में शहर की अलग अलग थाना पुलिस अब तक 30 से भी ज्यादा क्लबों पर कार्रवाई कर चुकी है।
सेक्टर-26 के बुलेवार्ड क्लब, मोब क्लब, बारगेन बूज क्लब, क्विजो क्लब, औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्लेबॉय क्लब, तमजारा क्लब, सेक्टर-9 स्थित बूम बॉक्स, पाइप एंड बैरल, एसको बार, सेक्टर-7 स्थित टर्मिनल, रीफ क्लब समेत अन्य क्लबों के मालिक, प्रबंधक के अलावा कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।